
क्या गृह मंत्री इस्तीफा देंगे… पहलगाम आतंकी हमले के बाद कांग्रेस बोली — कौन लेगा जिम्मेदारी ?
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर कांग्रेस ने सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं . कांग्रेस ने सुरक्षा में हुई चूक पर सवाल उठाते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है
नई दिल्ली/ हैदराबाद, 25 अप्रैल, 2025. जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने सुरक्षा चूक पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इस हमले के बाद क्या गृह मंत्री अपने पद से इस्तीफा देंगे ? कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इतना बड़ा इंटेलिजेंस खेल कैसे हुआ और आतंकी बॉर्डर के अंदर कैसे घुस आए? बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज जम्मू कश्मीर का दौरा भी किया था और घायलों से अस्पताल में जाकर हाल-चाल पूछा था.

कांग्रेस ने सरकार से पूछे कई सवाल
कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल हैंडल एक्स पर घटना के बाद का वीडियो पोस्ट करते हुए सरकार से कई सवाल पूछे. कांग्रेस ने कहा, ” पहलगाम आतंकी हमला कई सवाल खड़े करता है… सुरक्षा में चूक कैसे हुई? इंटेलिजेंस फेल कैसे हुआ ? आतंकी बॉर्डर के अंदर कैसे घुस आए? 28 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन? क्या गृह मंत्री अपने पद से इस्तीफा देंग? क्या पीएम मोदी इस चूक की जिम्मेदारी लेंगे ?
सर्वदलीय बैठक में सरकार को सपोर्ट देने की बात कही
इसे एक दिन पहले ही सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. कि बैठक में कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों के नेता शामिल हुए . बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,’ इस हादसे ( पहलगाम में हुआ आतंकी हमला) में बहुत से निर्दोष लोग मारे गए हैं, हम सभी ने मिलकर कहा कि देशहित में सरकार जो भी एक्शन लेगी हम सब एक हैं और हम उन्हें सपोर्ट करेंगे. वहां जो हादसा हुआ है, हम उसकी निंदा करते हैं, हमें देश को पैगाम देना है कि हम सब एक हैं.’ हालांकि, उन्होंने सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी की गैर मौजूदगी पर सवाल उठाए . उन्होंने कहा कि इस तरह की अहम बैठकों में प्रधानमंत्री की मौजूदगी अनिवार्य होती है, क्योंकि अंतिम निर्णय वही लेते हैं. खड़गे ने कहा, ” प्रधानमंत्री स्वयं इस बैठक में होते तो बेहतर होता. हमने अपनी बात रखी, लेकिन जो फैसले होते हैं, वे प्रधानमंत्री के अस्तर पर ही अंतिम माने जाते हैं. अधिकारियों का समझाना एक बात है, लेकिन प्रधानमंत्री का खुद सुनना और निर्णय लेना एक अलग बात होती है. “