बिजली निजीकरण के खिलाफ नियोजित व संविदाकर्मी कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट

वाराणसी में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मियों ने निजीकरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन अब राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है जिसमें रेलवे, बैंक, जीवन बीमा और किसान मोर्चा शामिल है . कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि निजीकरण वापस नहीं लिया गया तो यह विरोध निर्णायक संघर्ष में बदल जाएगा

वाराणसी/ हैदराबाद, 11 जुलाई, 2025. विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले
बीते बुधवार को अभियंता, अवर अभियंता, नियमित एवं संविदा कर्मियों के साथ महिला कर्मियों ने बिजली के निजीकरण के खिलाफ भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. बाद में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि बिजली बिकेगी नहीं, संघर्ष झुकेगा नहीं. निजीकरण के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन बनारस समेत पूरे पूर्वांचल में बिजली कर्मियों का विरोध प्रदर्शन चरम पर दिखा. विरोध प्रदर्शन के दौरान हाथों में
तख्तियां, नारों में ललकार और चेहरों पर चेतावनी दिखाते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने यदि निजीकरण वापस नहीं लिया, तो यह चेतावनी आगे चलकर निर्णायक संघर्ष में बदलेगी . बिजली कर्मचारियों ने कहा, हमने बिना निजी कंपनियों के भी रोशन किया है. उत्तर प्रदेश, अब हमारे हाथ बांधने की साजिश क्यों कर रही है ? विज्ञापन की विसंगतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार 2012 से 2024 तक की उपलब्धियां की गिनती गिना रही है, वहीं दूसरी तरफ उसी व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की बात कर रही है.
उन्होंने कहा कि अगर व्यवस्था इतनी सुधरी है तो निजी कंपनियों की जरूरत क्यों? अब देखना होगा कि सरकार’ स्विच ऑन’ करती है संवाद का, या फिर ‘ पावर आप ‘ हो जाएगा भरोसे का. इस मौके पर माया शंकर तिवारी, अनिल कुमार, रामाशीष, राजेश सिंह, विजय नारायण हिटलर, सौरभ श्रीवास्तव, अंकुर पांडे, संदीप कुमार, रविंद्र यादव, दीपक गुप्ता, रंजीत पटेल, जयप्रकाश, हरीश, मदन श्रीवास्तव, उदयभान दुबे, चंदन विश्वकर्मा और गजेंद्र श्रीवास्तव प्रमुख शामिल रहे . कार्यक्रम की अध्यक्षता पंकज जयसवाल एवं संचालन सौरभ श्रीवास्तव ने किया.