हर महीने 50 करोड़ की रिश्वत

चार्ज शीट में लिखा है कि 2019 से 2024 के बीच जगन मोहन रेड्डी की सरकार के समय हर महीने 50 से 60 करोड रुपए तक की रिश्वत वसूली गई, जिसमें एक हिस्सा उन तक पहुंचाया गया. हालांकि, चार्ज शीट में उनका नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है.

अमरावती/ विजयवाड़ा / हैदराबाद, 21 जुलाई, 2025. आंध्र प्रदेश में 3500 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले में पुलिस ने 305 पन्नों की चार्ज शीट दाखिल की है. इस चार्ज शीट में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेडी का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि 2019 से 2024 के बीच उनकी सरकार के समय हर महीने 50 से 60 करोड रुपए तक की रिश्वत वसूली गई, जिसमें एक हिस्सा जगन मोहन रेड्डी तक पहुंचाया गया . हालांकि, चार्ज शीट में उनका नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय अदालत इस चार्ज शीट का संज्ञान लेगी. एक गवाह का हवाला देते हुए चार्ज शीट में कहा गया, ” इकट्ठा की गई रकम केसिरेड्डी राजशेखर रेड्डी( ए -1) के पास जाती. इसके बाद राजशेखर रेड्डी ने यह पैसा विजय साई रेड्डी ( ए -5), मिथुन रेड्डी ( ए -4), बालाजी( ए -33) को दिया, जिन्होंने इसे पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को ट्रांसफर कर दिया. औसतन, हर महीने ( 2019 से 24 वाईएसआरसीपी शासन के दौरान) 50 से 60 करोड़ रुपए इकट्ठा किए गए. ” पुलिस का कहना है कि केसिरेड्डी राजशेखर रेड्डी इस घोटाले के मास्टरमाइंड है . उन्होंने शराब नीति में बदलाव कर अपने करीबी अधिकारियों को आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड में तैनात किया और ऑर्डर फॉर सप्लाई के ऑटोमेटिक सिस्टम को मैन्युअल कर दिया. आरोप है कि उन्होंने एक अन्य आरोपी बालाजी गोविदप्पा के जरिए सेल डिस्टिलरी का इस्तेमाल कर जगनमोहन रेड्डी तक रिश्वत के पैसे पहुंचाए. पुलिस ने आरोप लगाया कि राजशेखर रेड्डी ने पूर्व विधायक चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी के साथ मिलकर वाईएसआरसीपी के चुनाव अभियान के लिए 250 से 300 करोड रुपए की नकदी भी भेजी. इस रकम को कथित तौर पर 30 से ज्यादा फर्जी कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करके दुबई और अफ्रीका में जमीन, सोना और आलीशान संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया . चार्ज शीट में 2019 में हैदराबाद के होटल पार्क हयात में हुई एक बैठक का भी खुलासा किया. इसमें डिस्टिलरी मालिकों को कथित तौर पर धमकाया गया था कि अगर वे घुस नहीं देंगे, तो उनके शराब बेचने की इजाजत नहीं दी जाएगी. पुलिस ने इसे जबरन वसूली बताया है. आरोप है कि शुरुआत में 12 फ़ीसदी तक घूस ली जाती थी, जिसे बाद में 20 फ़ीसदी तक बढ़ा दिया गया. बीते शनिवार, 19 जुलाई को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने वाईएसआरसीपी सांसद पीवी मिथुन रेड्डी को कई घंटों की पूछताछ के बाद अरेस्ट कर लिया. ईडी ने भी इस केस में मनी लांड्रिंग के तहत जांच शुरू कर दी है. पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी पीवी मिथुन रेड्डी की गिरफ्तारी की आलोचना की है . जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू 2014 से 19 के दौरान शराब नीति से जुड़े एक मामले में जमानत पर हैं. यह बात साबित करती है कि अब वे किस हद तक गिर सकते हैं. रेड्डी कहते हैं कि अब वे न सिर्फ अपने पुराने केस में बचना चाहते हैं, बल्कि 2024 से 29 की अपनी शराब नीति को भी सही ठहराने के लिए पिछली सरकार की नीति में गलतियां ढूंढ रहे हैं. जगन मोहन रेड्डी इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया.