टीचर और छात्र न्याय की मांग करते लहूलुहान ! छावनी बना रामलीला मैदान, 44 छात्र पुलिस हिरासत में

हैदराबाद से अचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट
दिल्ली के रामलीला मैदान में एसएससी अभ्यार्थियों और शिक्षकों ने ‘ छात्र महा आंदोलन ‘ के तहत प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि एसएससी फेज -13 परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी, बायोमेट्रिक फेलियर और गलत प्रबंधन हुआ. प्रदर्शन में पर्याप्त करियर टेक्नोलॉजी की भूमिका पर सवाल उठाए गए. सोशल मीडिया पर एसएससी कुप्रबंधन ट्रेंड कर रहा है .

नई दिल्ली/ हैदराबाद, 25 अगस्त, 2025. दिल्ली के रामलीला मैदान में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के अभ्यर्थियों और शिक्षकों ने ‘ छात्र महा आंदोलन’ के तहत जमकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का उद्देश्य हाल ही में संपन्न हुए एसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को उजागर करना था. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जहां कई लोगों का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर — बितर करने के लिए बल का प्रयोग किया. प्रदर्शन मुख्य रूप से एसएससी सिलेक्शन पोस्ट फेज -13 परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को लेकर हुआ, जो 24 जुलाई से 1 अगस्त के बीच आयोजित की गई थी. अभ्यर्थियों ने परीक्षा अचानक रद्द करने, तकनीकी गडबड़ी, बायोमेट्रिक फेलियर और परीक्षा केंद्रों पर कुप्रबंधन जैसी समस्याओं का आरोप लगाया. कई छात्रों का कहना है कि बरसों की मेहनत के बावजूद उनके भविष्य योजनाएं प्रशासनिक चूक के कारण खतरे में है.
परीक्षा प्रबंधन में पर्याप्त करियर टेक्नोलॉजी की भूमिका पर सवाल
प्रदर्शनकारियों और शिक्षकों का आरोप है कि नई परीक्षा एजेंसी ईसीटी के पास उचित इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था. परीक्षा केंद्रों का गलत आवंटन, तकनीकी समस्याएं और ग्रामीण इलाकों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए लॉजिस्टिक कठिनाइयां प्रमुख मुद्दे बने. शिक्षक और छात्र समूह इसे केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि प्रणालीगत लापरवाही मान रहे हैं.
लगातार बढ़ती असंतोष और सोशल मीडिया पर एसएससी कुप्रबंधन
पिछले वर्षों में प्रश्न पत्रों में त्रुटि, उत्तर कुंजी में गड़बड़ी, परिणाम घोषित करने में देरी और शिकायत निवारण की कमी से एसएससी पर छात्रों का विश्वास कमजोर होना बताया गया है. ट्विटर और एक्स पर एसएससी कुप्रबंधन ट्रेंड कर रहा है, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने अपनी आवाज बुलंद की है.
रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग डेढ़ हजार लोग प्रदर्शन में शामिल हुए और अनुमत समय समाप्त होने के बाद 44 लोगों को हिरासत में लिया गया . वहीं, प्रदर्शनकारियों ने इन गिरफ्तारियों को गैर कानूनी करार देते हुए अधिकारियों पर विरोध दबाने का आरोप लगाया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज की घटनाएं दिखाई गई हैं.
केंद्रीय मंत्री ने कुछ मांगे मानी
इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों से मुलाकात की और कुछ मांगे मान ली, जैसे कि चैलेंज फीस लौटाना और प्रभावित उम्मीदवारों के लिए पुन : परीक्षा आयोजित करना. हालांकि, एजेंसी की जवाबदेही और प्रणालीगत सुधार जैसे बड़े मुद्दे अभी भी लंबित है.
एसएससी पर बढा ध्यान, मांगे पारदर्शिता और सुधार की
अभ्यार्थियों और छात्र समूहों ने तत्काल जांच, परीक्षा एजेंसी में बदलाव एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की भी मांग की है. सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन के साथ, यह प्रदर्शन एसएससी की कार्य प्रणाली और लाखों उम्मीदवारों के भविष्य राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.