अखिलेश यादव से बात हुई ?

सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने जेल से रिहाई के बाद कहा कि अखिलेश यादव बड़े नेता हैं . उन्होंने कहा, 5 साल जेल काटने के बाद उनका जीवन बदल गया है. बसपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए आजम खान ने कहा कि वे चरित्र वाले आदमी हैं. कोर्ट में चल रहे अपने मामलों पर भरोसा जताते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट न्याय मिलने की बात कही.

रामपुर/ हैदराबाद, 24 सितंबर 2025. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने जेल से रिहा होने के बाद पहली बार खुले तौर पर अपने विचार रखे. आजम खान ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर कहा कि वह बड़े नेता हैं और बड़ी पार्टी का नेतृत्व करते हैं. मैं उनका शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मेरे बारे में बात की .अखिलेश मेरे उतने ही करीब हैं जितने नेताजी ( मुलायम सिंह यादव) थे.’ आजम खान ने जय जीवन को बहुत कठिन बताया. उन्होंने कहा कि 5 साल तक जेल में रहने से वह मोबाइल चलाना तक भूल गए हैं. उन्होंने कहा कि जो नेता उनसे मिलने जेल में नहीं आए, उनके लिए उनके मन में कोई गिला- शिकवा नहीं है. मैं चाहता हूं कि वे खुश और समृद्ध रहें. आजम खान ने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने उन्हें नहीं पहचाना, वे अब दर्ज मुकदमों की वजह से उन्हें जानने लगे हैं . समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि 5 साल जेल में बिताने के बाद अब उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है. उन्होंने कहा,’ मैंने एक छोटे से सेल में 5 साल गुजारे हैं. अब मैं किसी का इंतजार नहीं कर सकता.’

बसपा में शामिल होने के सवाल पर क्या बोले आजम खान ?

बसपा में शामिल होने की संभावना पर उन्होंने साफ कहा कि वह चरित्र वाले आदमी हैं. उन्होंने यह कहते हुए इन अटकलों पर विराम लगाया. एचटी हसन के बारे में उन्होंने कहा कि जब मैं अपने आदमी को टिकट नहीं दिल पाया, तो किसी और का टिकट कैसे कटवा सकता हूं ?

आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट पर जताया भरोसा
अपने ऊपर दर्ज मामलों को लेकर आजम खान ने कहा, ‘ मेरे खिलाफ दर्ज केसों को रद्द करने की जरूरत नहीं है. मुझे सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ मिलेगा. लव मोहम्मद पर हो रहे विवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे मोहम्मद के पैरोकार हैं और धर्म को लेकर उनके विचार हमेशा स्पष्ट रहे हैं. 5 साल जेल में बिताने के बाद आजम खान मंगलवार को यूपी के सीतापुर जेल से बाहर आए. हालांकि, जेल से आने के बाद रास्ते में पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी बहस भी हो गई. फिलहाल पत्रकारों से बातचीत में आजम खान का बयान राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने संकेत दिया है कि अब वह किसी सियासी इंतजार के बजाय सीधे तौर पर जनता और न्यायपालिका पर भरोसा करेंगे.