हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज के एक प्राइवेट कॉलेज में 17 छात्राओं से यौन शोषण करने के आरोपी स्वयंभू
बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को आज सुबह उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया. दिल्ली पुलिस ने बाबा के पास से तीन मोबाइल फोन…
नई दिल्ली/ हैदराबाद, 28 सितंबर 2025. फिलहाल बाबा को वसंत कुंज थाने में रखा गया है . पुलिस आज दोपहर बाद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को अदालत मे पेश कर रिमांड मांगेगी. दिल्ली पुलिस ने बाबा के पास से फर्जी विजिटिंग कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं. दिल्ली पुलिस के टॉप सूत्रों ने बताया कि बाबा पीएमओ के नाम पर किसी से कॉल करवाता था. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बाबा चैतन्यानंद को आगरा में ढूंढ निकाला. वह बीते दो महीना के दौरान उत्तर प्रदेश के करीब 13
अलग-अलग होटलो में ठहर चुका है. वह दो महीने से वृंदावन, मथुरा और आगरा के साथ उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में छुप रहा था. पुलिस चैतन्यानंद सरस्वती के पास से तीन फोन और आईपैड भी बरामद किए हैं.
इनमें वह मोबाइल फोन भी है, जिसमें बाबा छात्राओं के वीडियो और गर्ल्स हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस रखता था. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं. पहला विजिटिंग कार्ड संयुक्त राष्ट्र का है, जिसके मुताबिक, बाबा ने खुद को संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत बताया है. दूसरे विजिटिंग कार्ड के मुताबिक, बाबा ने खुद को ब्रिक्स देशों के संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विदेश दूत बताया है.
हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था बाबा
डीसीपी ( दक्षिण पश्चिम) अमित गोयल ने मीडिया को बताया, ” हमने एक टीम बनाई थी और पिछले तीन दिनों से हम चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी की तलाश में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. हमें शनिवार की रात आगरा के एक होटल से उसे पकड़ने में सफलता मिली . उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और दिल्ली लाया गया . आगे की जांच जारी रहेगी. हमने तीन मोबाइल फोन और एक आईपैड बरामद किया है, जिनकी जांच की जाएगी. इसके साथ ही उसके पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनमें ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाला भारत सरकार का अधिकारी बताया गया है. गिरफ्तारी से बचने के लिए बाबा हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था. वह ज्यादातर मथुरा, वृंदावन और आगरा में रहता था . चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, वह छात्राओं को देर रात उसके कमरे में आने के लिए मजबूर करता था और उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजता था.