महागठबंधन के उम्मीदवारों में फेरबदल, राजद ने वापस कराया सिंबल, वीआईपी को मिली सीट

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
बिहार महागठबंधन में देर रात सीट बंटवारा फाइनल हो गया. मुकेश सहनी की वीआईपी को 15 सीटें मिली, जबकि उन्हें मनाने के लिए राज्यसभा और एमएलसी सीटों का ऑफर भी दिया गया है.
पटना/ हैदराबाद, 17 अक्टूबर, 2025. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन की आज अंतिम दिन है. इससे ठीक पहले महागठबंधन में सीटों का बंटवारा देर रात फाइनल हो गया. हालांकि, आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार है. खबर है कि इस समझौते में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को उनकी मांग 40 से कम सीटों के विपरीत केवल 15 सीटें मिली है. नाराज चल रहे सहनी को मनाने के लिए राजद ने उन्हें एक राज्यसभा और दो एमएलसी सीटों का अतिरिक्त ऑफर भी दिया है. सहनी आज दरभंगा की गौडा बौराम सीट से नामांकन करेंगे. आज महागठबंधन की और सीट शेयरिंग की घोषणा की जा सकती है.
कई सीटों पर महागठबंधन आमने-सामने
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन के अंतिम दिन, महागठबंधन के भीतर कई सीटों पर ” दोस्ताना संघर्ष” की स्थिति बन गई है. बछवाडा में कांग्रेस के गरीब दास सीपीआई के अवधेश राय के सामने हैं, जबकि वैशाली में कांग्रेस और राजद उम्मीदवार आमने-सामने है . झंझारपुर में भी सीपीआई और वीआईपी के बीच टकराव की आशंका है, जिससे एनडीए को फायदा हो सकता है. हालांकि अभी नामांकन वापस लेने का समय बचा हुआ है.
महागठबंधन के उम्मीदवारों में फेरबदल
बिहार महागठबंधन ने नामांकन के अंतिम समय में मधेपुरा जिले की सीटों पर बडा फेरबदल किया है. मधेपुरा विधानसभा सीट से अंतिम निर्णय लेते हुए प्रो. चंद्रशेखर को प्रत्याशी बनाया गया है. वहीं, आलमनगर विधानसभा सीट पर राजद ने इंजीनियर नवीन निषाद को दिया गया सिंबल वापस ले लिया है और अब विकासशील इंसान पार्टी के ब्रह्मदेव सहनी इस सीट से महागठबंधन के उम्मीदवार होंगे. इस बीच राजद और वाम दलों ने कई प्रत्याशियों को सिंबल जारी कर दिए हैं. राजद ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट भी जारी कर दी है. जिसमें हिना शहाब और रोहिणी आचार्य के नाम शामिल है. वहीं, कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार देर रात करीब 11बजे अपनी पहली लिस्ट जारी करते हुए 48 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया. सीटों के बंटवारे और प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के साथ ही महागठबंधन
अब पूरी तरह से मैदान में उतरने को तैयार हैं .
आत्मदाह की कोशिश के बाद कफन ओढ़कर भाजपा नेता अजय झा ने मंगल, दिलीप और नित्यानंद पर…
भाजपा नेता अजय सिंह ने कहा कि बड़े-बड़े नेताओं द्वारा आश्वासन देने के बावजूद उन्हें टिकट से वंचित किया गया. इससे वह बहुत आहत और मर्माहत हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने टिकट बांटने का काम फाइनल कर लिया है. इस बीच भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य और राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संयोजक अजय झा ने नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का टिकट नहीं मिलने से व्यथित होकर गुरुवार को अपने आवास पर आत्मदाह का प्रयास किया. हालांकि, परिजनों और उनके शुभचिंतकों ने उन्हें संभाला और आत्मदाह करने से रोक दिया. अजय झा ने कफन ओढ़कर मीडिया से बात की और कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है. 1985 से यूथ कांग्रेस से राजनीतिक शुरुआत की थी. पिछले 25 साल से बीजेपी में रहकर पार्टी के लिए काम किया है . लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार सरकार के मंत्री मंगल पांडे, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप जायसवाल ने उन्हें भरोसा दिया था कि लोकसभा में आप भाजपा प्रत्याशी को जिताकर दिल्ली भेजिए, फिर आने वाले विधानसभा चुनाव में आपको मौका दिया जाएगा. लेकिन उम्मीदवार नहीं बनाया गया. अब कफन ओढ़ लिया हूं, कभी भी कुछ कर सकता हूं. वहीं, अजय झा की पत्नी संजू झा ने कहा कि उनके पति तन– मन और धन से बीजेपी के साथ रहे. लेकिन चुनाव के वक्त जब आता है तो उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि भाजपा उनके साथ गद्दारी की है. अब वह खुद नरपतगंज से चुनाव मैदान में उतरेंगे.