ओड़िशा के मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ छठ पूजा समारोह में शिरकत की और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया


हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
भुवनेश्वर / झारसुगुड़ा / हैदराबाद, 28 अक्टूबर, 2025. ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार सुबह 5:15 बजे छठ पूजा के समापन अवसर पर यहां कुआखाई नदी के तट पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया. इस मौके पर सैकड़ो श्रद्धालु उनके साथ मौजूद थे. राज्य में नदियों और अन्य जलाशयों के किनारे भी श्रद्धालु उगते भगवान भास्कर को ‘ उषा अर्घ्य ‘ देने के लिए एकत्रित थे. इस दौरान मुख्यमंत्री माझी ने एक पर पोस्ट में लिखा कि ” आज, पवित्र छठ पूजा के अवसर पर, भुवनेश्वर स्थित मंगलेश्वर के पास नई बाली यात्रा मैदान में आयोजित कार्यक्रम है और मैं राज्य की समृद्धि और लोगों की सुख – शांति के लिए छठी मैया और सूर्य देव से प्रार्थना करता हूं कि इस राज्य में सामाजिक सद्भाव के इस महान पर्व पर सभी का जीवन मंगलमय हो. ” उन्होंने कहा, ” मैं यहां रहने वाले बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों को शुभकामनाएं देता हूं. इस तरह चार दिवसीय छठ पर्व 25 अक्टूबर को’ नहाए खाए ‘ के साथ शुरू हुआ था और आज 28 अक्टूबर मंगलवार सुबह 5:15 बजे उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही समाप्त हो गया.
उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पूजा का हुआ समापन


छठ महापर्व 2025 सामग्र ओड़िशा में धूमधाम से मनाए जाने की खबर है. राजधानी भुवनेश्वर, कटक, बालेश्वर, बरहमपुर, संबलपुर, झारसुगुड़ा और ब्रजराजनगर के विभिन्न नदियों और तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई. इस दौरान ओड़िशा के एडीजीपी संजय कुमार अपने परिवार के साथ डूबते और उगते भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छठ महापर्व केवल आस्था ही नहीं बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है और धार्मिक आस्था का महाकुंभ भी. इसी क्रम में झारसुगुड़ा जिला क्षेत्र में ब्रजराजनगर स्थित ईब नदी घाट पर छठ महापर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया. इस समावेश में झारसुगुड़ा विधायक टंकधर त्रिपाठी, बरगढ़ के सांसद प्रदीप पुरोहित सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल होकर ईब नदी घाट और बुरोमाल स्थित काला तालाब घाट पर छठ महापर्व पर पूजा अर्चना की. इस आशय की जानकारी हमारे झारसुगुड़ा स्थित संवाददाता राजेश साव ने दी है.

