
राहुल ने मतदान से 24 घंटे पहले वोट चोरी की जताई आशंका, आरोपों का चुनाव पर पड़ेगा असर ?
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
बीजेपी ने कांग्रेस नेता के आरोपों को खारिज कर दिया है, लेकिन राहुल ने यह आरोप ऐसे समय में लगाया है जब बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एक दिन बाद ही यानी गुरुवार ( 6 नवंबर ) को पहले चरण का मतदान होना है. मतदान से ठीक 24 घंटे पहले ये आरोप लगाकर राहुल गांधी क्या संदेश देना चाहते हैं? उनके इन आरोपों का बिहार चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है ?

नई दिल्ली/ पटना/ हैदराबाद, 5 नवंबर, 2025. बिहार में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले राहुल गांधी ने एक बार फिर ‘ वोट चोरी ‘ का मुद्दा उठाया है. अपनी एच फाइल्स के जरिए उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव में भारी गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव में कांग्रेस के जीतने की पूरी संभावना थी, लेकिन मतदाता सूची में गड़बड़ी कर चुनाव परिणाम को बदल दिया गया. बीजेपी ने कांग्रेस नेता के आरोपों को खारिज कर दिया है, लेकिन राहुल ने यह आप ऐसे समय में लगाया है जब बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एक दिन बाद ही मतदान होना है. मतदान के ठीक 24 घंटे पहले ये आरोप लगाकर राहुल गांधी क्या संदेश देना चाहते हैं ? उनके इन आरोपों का बिहार विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है? राहुल गांधी ने यह आरोप हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों के परिणाम पर लगाए हैं. हर बार उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी होने की बात कही है. लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि कुछ ही समय पहले जब बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा था, तो कांग्रेस ने उसमें गड़बड़ी की कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई. चुनाव आयोग ने संशोधित मतदाता सूची जारी करने के समय भी कहा था कि यदि किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति को संशोधित सूची में कोई गड़बड़ी मिलती है तो वह इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकता है. लेकिन बीजेपी– कांग्रेस सहित किसी भी बड़े राजनीतिक दल ने संशोधित मतदाता सूची में गड़बड़ी की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई. चुनाव आयोग बिहार की मतदाता सूची से करीब 65 लाख नामों को हटाया है, जबकि कुछ छोटे राजनीतिक दलों ने बहुत सीमित संख्या में नामों को जुड़वाने की अपील की है. ऐसे में क्या चुनाव आयोग का पक्षी ही सही नहीं साबित होता है. अब राहुल गांधी ने कुछ मतदाताओं को सामने लाकर उनके नाम सूची से कटने की बात कही है. मतदाता सूची में पुनरीक्षण का कार्य बीजेपी– कांग्रेस और राजद जैसे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के सहारे ही किया जा रहा था. उनके कार्यकर्ता मतदाता सूची में गड़बड़ी का सवाल पैदा कर उसे ठीक कराने में मदद कर सकते थे. लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता ने इसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई. क्या राहुल गांधी एक बार फिर बिहार चुनाव के बाद इसी तरह के आरोप लगाएंगे और चुनाव परिणामों में गड़बड़ी की बात करेंगे ?