चुनाव में ओली समेत कई दिग्गजों की बज गई ‘ घंटी’, बालेन शाह का नेपाल का पीएम बनना तय
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
चुनावी नतीजे आने से पहले ही नेपाल में सियासी तस्वीर स्पष्ट होती दिख रही है. काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह की पार्टी आरएसपी रुझानों में सुनामी की तरह आगे हैं, जबकि दशकों से सत्ता में रहे पारंपरिक दल बुरी तरह पिछड़ गए हैं. यदि यही रफ्तार रही तो नेपाल की राजनीति में 36 वर्ष बाद एक दल का प्रचंड बहुमत लौट सकता है.
काठमांडू, 7 मार्च 2026. नेपाल के चुनाव परिणाम आने से पहले सबकी धड़कनें तेज हैं. जारी वोटो की गिनती से स्पष्ट है कि नेपाल की राजनीति में बड़ा उलट फिर होने जा रहा है. 5 मार्च को हुए मतदान में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र ( बालेन ) शाह की पार्टी ‘ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ‘( आरएसपी ) भारी बढ़त के साथ आगे बढ़ रही है. जबकि पारंपरिक दलों को करारी हार का सामना करना पड़ रहा है. ताजा रुझानों के मुताबिक, 275 सदस्यीय संसद के लिए नेपाल में हुए मतदान में प्रत्यक्ष चुनाव 165 सीटों में से शुक्रवार दिन रात तक आरएसपी 117 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. इससे बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. जहां आरएसपी प्रचंड बहुमत की ओर आगे चल रही है, वहीं, नेपाल के पारंपरिक पार्टियां — नेपाली कांग्रेस और सीपीएनयूएमएल को नेपाल की जनता ने पूरी तरह से ठिकाने लगा दिया है. 117 सीटों पर आरएसपी आगे है तो दूसरे नंबर पर नेपाली कांग्रेस केवल 15 सीटों पर और केपी ओली की यूएमएल सिर्फ 13 सीटों पर जीत के लिए संघर्ष कर रहे हैं,
जबकि पुष्प कमल दहाल प्रचंड के नेतृत्व वाली पार्टी की हालत इससे भी बदतर है. हालांकि, बड़े नेताओं में सिर्फ प्रचंड ही अपनी सीट बचा पाए लेकिन उनकी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी छू नहीं पाई है.