समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
तीन दिवसीय दौरे पर रविवार शाम कोलकाता पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त को कोलकाता हवाई अड्डे के बाहर स्थानीय लोगों ने विरोध काले झंडे दिखाये और गो बैक के नारे लगाए . दरअसल, चुनाव आयोग की टीम 8 से 10 मार्च तक पश्चिम बंगाल में चुनाव तैयायारियों की समीक्षा करने पहुंचे हैं.
कोलकाता, 9 मार्च 2026 . पश्चिम बंगाल दौरे पर पूरी टीम के साथ कोलकाता पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. टीएमसी कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त के विरुद्ध नारियल लगाएं और उन्हें काले झंडे दिखाए. सीईसी की सुरक्षा में भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी और प्रदर्शनकारियों को दूर रखने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे. मुख्य चुनाव आयुक्त कालीघाट मंदिर पहुंचे और उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता जनता के भलाई के लिए प्रार्थना की और ईश्वर का आशीर्वाद मांगा. इस दौरे के दौरान उन्होंने बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को दोहराया. इस दौरान पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल के साथ मुख्य चुनाव ज्ञानेश कुमार कोलकाता के कालीघाट मंदिर में पूजा अर्चना की. लेकिन मंदिर परिषद के बाहर सैकड़ो लोग उनके आगमन का विरोध कर रहे थे.
भीड़ को सुरक्षा कर्मियों ने संभाला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मंदिर परिसर पहुंचने पर सुरक्षा कर्मियों को भीड़ संभालना पड़ा, जो काले झंडे लहरा रहे थे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मीडिया को बताया कि पश्चिम बंगाल के सभी भाइयों और बहनों को मेरा नमस्कार. देवी काली सभी को आशीर्वाद दें . जय भारत, जय हिंद. वहीं, मंदिर परिसर के बाहर मुख्य चुनाव आयुक्त को काले झंडे दिखाए गए और गो बैक के नारे भी लगाए गए. लोग हाथों में झंडे — बैनर लेकर विरोध करने पहुंचे थे.
न्यू टाउन होटल के सामने भी प्रदर्शन
इसी बीच, रविवार को पश्चिम बंगाल के स्थानीय लोग न्यू टाउन के एक निजी होटल के समीप जमा हो गए. वे लोग अपनी छाती पर पोस्टर लगाए हुए थे जिन पर लिखा था,’ वापस जाओ, ज्ञानेश कुमार, लोकतंत्र के हत्यारे’. यह जमावड़ा तब हुआ जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त एसएस संधू, विवेक जोशी और वरिष्ठ उपचुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और पवन कुमार कोलकाता हवाई अड्डे पर पहुंचे.
बंगाल में गरमाया है माहौल
बंगाल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है क्योंकि राज्य इस वर्ष के पहले 6 महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों का सामना करने के लिए तैयार हैं . सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी) को भाजपा से कड़ी चुनौती मिल रही है . रविवार देर शाम नई दिल्ली से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर टीम ने लैंड किया और सोमवार को पंजीकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की एवं सुझावों के लिए प्रत्येक दलों को 10 मिनट का समय दिया.