13वीं राष्ट्रीय स्तर की ईवी गो– कार्ट डिजाइन चैलेंज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग छात्रों ने बनाई उत्कृष्ट जगह
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
हैदराबाद, 16 मार्च 2026. गुरु नानक इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी( जीएनआईटी ), हैदराबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रकोष्ठ के छात्रों ने एक बार फिर से अपनी दक्षता और नवाचार क्षमता का परिचय देते हुए 13 वीं राष्ट्रीय स्तर की ईवी ( इलेक्ट्रिक व्हीकल) गो — कार्ट डिजाइन स्पर्धा के ईवी श्रेणी में पांचवा स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है. राष्ट्रीय स्तर की यह प्रतियोगिता तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित कारी मोटर स्पीडवे मैं आयोजित की गई, जिसका आयोजन आईएसएनईई मोटर स्पोर्ट्स, उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया था. इस प्रतियोगिता में देश भर के लगभग 80 प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों की टीमों ने भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर अत्यंत उच्च रहा. ऐसे में गुरु नानक इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ( जीएनआईटी ) के छात्रों की यह उपलब्धि विशेष तौर पर सराहनीय मानी जा रही है. गुरु नानक इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के छात्रों की टीम ने अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग करते हुए एक उच्च प्रदर्शन क्षमता वाली इलेक्ट्रिक गो — कार्ट का सफलतापूर्वक डिजाइन और निर्माण किया. इस वाहन में उन्नत तकनीकी विशेषताओं को शामिल किया गया है, जो इसकी कार्य क्षमता, सुरक्षा और ऊर्जा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनती है. ईवी गो — कार्ट की प्रमुख तकनीकी विशेषताएं इस प्रकार हैं : हाई परफॉर्मेंस मोटर कंट्रोलर, जिसकी 6 किलोवाट डिस्चार्ज क्षमता है, जो बेहतर पावर मैनेजमेंट और उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करता है. लिथियम– आयन बैटरी पैक — जेके — स्मार्ट बीएम एस मॉडल ( 74 वी, 55 एच ), जो उन्नत बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सुरक्षित और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति प्रदान करता है.
अक्यूम्यूलेटर सिस्टम( एलएफआईसी 6908), जिसमें 100 सेल समानांतर रूप से जुड़े हुए हैं ( 32 वी, 15 एएच ), जो बेहतर ऊर्जा भंडारण और निरंतर पावर सप्लाई सुनिश्चित करता है.– ईवी गो — कार्ट के प्रमुख तकनीकी मानक — अधिकतम गति: लगभग 100 किमी प्रति घंटा. एक बार चार्ज करने पर दूरी: लगभग 90 — 100 किमी. बैटरी रिचार्ज समय: लगभग 5 घंटे. वाहन का कुल वजन : 128 किलोग्राम. दरअसल, छात्रों की इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से उनकी मेहनत, नवाचार क्षमता और मजबूत इंजीनियरिंग कौशल का परिचय मिलता है. यह उपलब्धि इस बात का भी प्रमाण है कि गुरु नानक इंस्टीट्यूशंस छात्रों को अनुसंधान, नवाचार और व्यवहारिक शिक्षण के लिए निरंतर प्रोत्साहित और सहयोग प्रदान करता है. कार्यक्रम के दौरान गुरु नानक इंस्टीट्यूशंस के उपाध्यक्ष एवं गुरु नानक यूनिवर्सिटी के चांसलर सरदार गगनदीप सिंह कोहली एवं गुरु नानक इंस्टीट्यूशंस के प्रबंध निदेशक व यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ एच एस सैनी ने छात्रों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सराहना करते हुए बधाई दी. उन्होंने छात्रों की रचनात्मक एवं नवोन्मेषी सोच की प्रशंसा करते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में भी संस्थान इस प्रकार की तकनीकी और अनुसंधान आधारित गतिविधियों को पूर्ण समर्थन देता रहेगा. साथ ही उन्होंने संकाय सदस्यों से भी छात्रों को नवाचार और अनुसंधान आधारित परियोजनाओं के लिए निरंतर प्रेरित करने का आह्वान किया . इस उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ. बी वेंकट रमन्ना रेड्डी, डीन ( अकादमिक ) डॉ एसपी यादव, डीन ( अनुसंधान एवं विकास) डॉ बी संतोष कुमार, विभाग अध्यक्ष एवं नियंत्रक परीक्षा डॉ बी विजय कुमार एवं फैकल्टी एडवाइजर डॉक्टर पी वेंकैय्या ने भी छात्र टीम को बधाई देते हुए छात्रों की सफलता से संस्थान की प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होने की बात कही. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मैकेनिकल इंजीनियरिंग और ऑटोमेटिव डिजाइन क्षेत्र में गुरु नानक इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी की मजबूत पहचान को और मजबूत करती है. साथ ही संस्थान की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है कि वह छात्रों में तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और इंजीनियरिंग प्रतिभा को विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास रक्त हैं .