हरियाणा में रात तक हंगामा : ओड़िशा व कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग, एनडीए ने 22, विपक्ष ने 15 सीटें जीतीं
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों पर चुनाव के दौरान जोरदार हंगामा हुआ. सोमवार शाम 4 बजे वोटिंग खत्म हो गई थी, लेकिन 2 कांग्रेस विधायकों के वोटो पर बीजेपी की आपत्ति के कारण रात 10:25 बजे गिनती शुरू हो सकी, जो देर रात 1. 30 बजे तक चली. वोटिंग से लेकर नतीजे तक की प्रक्रिया में 17 घंटे लगे.
पटना/ भुवनेश्वर/ चंडीगढ़, 17 मार्च 2026. हरियाणा और ओड़िशा में कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की. जबकि बिहार में विपक्ष के 4 विधायक वोट डालने ही नहीं पहुंचे . इससे बीजेपी को फायदा मिला. 10 प्रदेशों की 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव में 26 पर प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए. इनमें से 9 सीटें एनडीए के खाते में गई. विपक्ष को सिर्फ 2 सीटें ही मिली. तीन प्रदेश हरियाणा, बिहार और ओड़िशा में 11 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव कराए गए . एनडीए ने 22 और विपक्ष ने 15 सीटें जीती है. एनडीए को 10 सीटों का फायदा पहुंचा है. पहले एनडीए के पास 12 और विपक्ष के पास 25 सीटें थी.
बिहार में चार विधायक वोट देने नहीं आए, एनडीए को 1 सीट अधिक मिली.
बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव हॉर्स ट्रेडिंग में एनडीए ने महागठबंधन को शिकस्त दे दी. आरजेडी के एडी सिंह चुनाव हार गए. वहीं एनडीए के सभी 5 प्रत्याशी चुनाव जीत गए. इनमें जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर शिवेश राम शामिल है . दरअसल, आरजेडी सोमवार दोपहर तक अपने प्रत्याशी के जीतने की दावेदारी कर रही थी. लेकिन शाम 4 बजे मतदान खत्म होने के समय तक कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक महागठबंधन प्रत्याशी को वोट करने नहीं पहुंचे. मतदान में इन 4 विधायकों के शामिल नहीं होने से एडी सिंह को 41 वोट की जगह 37 वोट ही मिले. हालांकि, महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने रात भर होटल में विधायकों को समझाते रहा.
हरियाणा में 5 विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस दूसरी सीट जीत गई
हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए नतीजा वोटिंग के करीब 9 घंटे बाद आधी रात को 1 बजे जारी हुआ. बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत हासिल की. जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को पराजय का सामना करना पड़ा. चुनाव में 90 विधायकों के वोट थे, जिनमें से इंडियन नेशनल लोकदल के 2 विधायकों ने वोट नहीं डाला. कांग्रेस के 4 और बीजेपी का 1 वोट रद्द हो गया, जिसके चलते 83 वोट वैध पाए गए. बीजेपी के 48 वोट थे. 1 वोट रद्द हो गया एवं पहली प्राथमिकता वाले वोट में भाटिया को 39 और नांदल को 8 वोट मिले. कांग्रेस के 37 विधायक थे.4 वोट रद्द हो गया.5 ने क्रॉस वोटिंग की. ऐसे में 28 वोट बचे. संजय भाटिया को पहली प्राथमिकता के 27.66 वोट मिले. निर्दलीय नांदल को 27.34 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले . किस प्रकार, नांगल बौद्ध से केवल 0. 66 वोट, यानी 1 वोट से भी कम अंतर से चुनाव हार गए .
ओड़िशा में 3 सीटों पर बीजेपी और बीजेडी के खाते में 1 सेट गई.
ओड़िशा में बीजेपी के मनमोहन सामल, सुजीत कुमार और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप रे ने
जीत हासिल की. चौथी सीट पर बीजेडी के संत्रुप्ता मिश्रा विजयी हुए. लेकिन बीजेडी के ही दतेश्वर होता को मुंहकी खानी पड़ गई. भुवनेश्वर में राज्यसभा की वोटिंग के दौरान सोमवार को ही बीजेपी और बीजेड़ी विधायकों के बीच जमकर हाथापाई होने की भी खबरें हैं.
