देशभर के किसानों पर 32.65 लाख करोड रुपए का कर्ज़, सरका माफी मूड में नहीं !
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट

केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि देशभर के किसानों पर कमर्शियल, क्षेत्रीय ग्रामीण सहकारी बैंकों का करीब 32.65 लाख करोड रुपए का कर्ज है. जबकि सरकार फिलहाल किसान कर्ज माफी की मूड में नहीं है. हालांकि, सरकार किसानों की भलाई और खुशहाली के लिए कई योजनाओं को संचालित कर …
नई दिल्ली, 25 मार्च 2026. केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि देशभर के किसानों पर कमर्शियल, क्षेत्रीय ग्रामीण सहकारी बैंकों का करीब 32.65 लाख करोड रुपए का कर्ज है . जबकि सरकार फिलहाल किसान कर्ज माफी की मूड में नहीं है. हालांकि, सरकार किसानों की भलाई और खुशहाली के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही हैं. बावजूद इसके किसान कर्ज के मामले में राजस्थान और मध्य प्रदेश, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ देश के टॉप 10 प्रदेशों में सर्वाधिक हैं. दरअसल, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष एवं नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में सरकार से किसान कर्ज और उसकी माफी को लेकर सवाल पूछा. इसका लिखित जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि किसने की पूर्ण कर्ज माफी से संबंधित कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचार के लिए नहीं है. हालांकि, सरकार ने किसानों की आर्थिक हालात सुधारने के लिए कई उपाय किए हैं.
राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओड़िशा में कर्ज के तले दबे किसान
राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओड़िशा के किसान कर्ज के तले दबे हुए हैं. जहां राजस्थान के किसानों पर 1लाख 92 हजार 293 करोड रुपए, मध्य प्रदेश के किसानों पर 1 लाख 70 हजार 758 करोड रुपए एवं छत्तीसगढ़ के किसानों पर करीब 32 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है
किसान सम्मन निधि वार्षिक 1 लाख रुपए करने की मांग
सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार से पीएम किसान सम्मान निधि राशि वार्षिक 1 लाख रुपए करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि पीएम किसान सम्मन निधि और फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को फायदा पहुंचने की बात कहकर सरकार किसानों को असली मुद्दों से भड़काना चाहती हैं.