डॉ लोहिया की 116वीं जयंती पर ‘ समता सम्मेलन आयोजित

डॉ राममनोहर लोहिया, शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के साम्राज्यवाद विरोधी विचार को जन-जन तक पहुंचने का संकल्प. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ-साथ स्वच्छ हवा, पानी को मौलिक अधिकार बनाए जाने को लेकर प्रस्ताव. समता सम्मेलन ने किसानों — मजदूरों के आंदोलन के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया.


नई दिल्ली, 24 मार्च 2026. डॉ राममनोहर लोहिया की 116वीं जयंती एवं शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 95 वें शहादत दिवस के अवसर पर दिल्ली के टी. एन. बाजपेयी हॉल में आयोजित समता सम्मेलन में शामिल हुए प्रतिनिधियों का स्वागत ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने किया. आयोजित समता सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के लगभग 500 प्रतिनिधि शामिल हुए. इसका उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस सुदर्शन रेड्डी ने किया. इस मौके पर उन्होंने संविधान में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की सभी मौलिक अधिकारों को समग्रता में देखा जाना चाहिए. उन्होंने डॉ लोहिया के विचारों को याद करते हुए कहा कि ” सत्ता हाथ में हो तो दिन में न्रमता बनी रहनी चाहिए. ” उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता आईटीएम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलाधिपति रमाशंकर सिंह ने की. जबकि शिक्षा की गारंटी पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता विजय प्रताप ने की . वहीं, बतौर मुख्य वक्ता हैदराबाद से आए रमेश पटनायक मौजूद रहे . उन्होंने शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण चिंता जताई और कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून बनने के बावजूद भी सभी को निशुल्क उपलब्ध नहीं हो पा रही है. इस दौरान छात्र सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सुधीर क्रांतिकारी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रोशन मिहिर ने भी अपने विचार रखे. स्वास्थ्य की गारंटी विषयक सत्र की अध्यक्षता जेएनयू की प्रोफेसर रितु प्रिया ने की एवं मुख्य वक्ता के तौर पर जन स्वास्थ्य अभियान( इंडिया) के संयोजक अमूल्य निधि ने कहा कि स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बनाकर सभी वर्गों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के व्यवसायीकरण और अस्पतालों के निजीकरण को रोकना चाहिए . दूसरी तरफ रोजगार की गारंटी पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता बिहार के पूर्व मंत्री एवं मौजूदा विधायक आलोक मेहता ने की . जबकि मुख्य वक्ता प्रोफेसर अरुण कुमार ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि प्रभावी नीतियों के अभाव में युवाओं में हिंसा, नशाखोरी और मानसिक अवसाद की प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं . वहीं, डॉ सुनीलम ने कहा कि संविधान सभा में मूलभूत आवश्यकताओं की गारंटी पर पर्याप्त संशोधन नहीं हो सके थे, लेकिन आज देश के पांच लगभग 50 लाख करोड रुपए का बजट है. उन्होंने सुझाव दिया कि 2% कॉरपोरेट टैक्स और उत्तराधिकार कर के माध्यम से 100 लाख करोड़ रुपए तक संसाधन जुटाए जा सकते हैं. इसलिए अब समय आ गया है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वच्छ हवा और स्वच्छ पानी को मौलिक अधिकार बनाया जाए .
समता सम्मेलन को जेएनयू के छात्र नेता अरविंद यादव, डॉ राधाकृष्णन, दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पर्श जाटव,
किसान संघर्ष समिति ग्वालियर से प्रदेश सचिव शत्रुघन यादव, लखनऊ से आलोक, गीग वर्कर्स के प्रतिनिधि प्रेम जी, तथा सोशलिस्ट पार्टी ( इंडिया) की युवा अध्यक्ष रुमान मेक्की ने भी सम्मेलन को संबोधित किया.
” साफ पानी — साफ हवा की गारंटी ” एवं पर्यावरण संकट विषयक सत्र की अध्यक्षता महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. चितरंजन मिश्रा ने की और मुख्य वक्ता अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणविद सौम्य
दत्ता रहे. इस सत्र में भिवानी से स्टैंड विद नेचर के डॉ. लोकेश, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रियांशु विद्रोही, अनुराग, कर्नाटक के पूर्व विधायक विश्वनाथ, अलिबाबा और कानपुर के ओम द्विवेदी ने अपने विचार रखे. हालांकि, खुले सत्र की अध्यक्षता कर्नाटक सरकार के योजना आयोग के उपाध्यक्ष बी. आर. पाटिल ने की. उन्होंने कहा कि सरकारों की नीतियों में बदलाव करना जन आंदोलन के माध्यम से ही संभव है. उन्होंने लोकतंत्र और संविधान के समक्ष चुनौतियों को रेखांकित किया . इस सत्र को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन ने कहा कि वर्तमान सरकार पूंजीवाद और निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिसका मुकाबला समाजवादी विचारों को अपनाकर और जन संघर्ष के माध्यम से ही किया जा सकता है. इस मौके पर लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह, सर्व सेवा संघ ( उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष रामधीरज, किसान संघर्ष समिति के ग्वालियर संभाग के संयोजक अधिवक्ता विश्वजीत रतौनिया, छिंदवाड़ा के सज्जे चंद्रवंशी, कर्नाटक राष्ट्र सेवा दल के अलीबाबा, बीड से प्रो. सुशीला ताई मोराले, हिंद मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालप्पा, सागर के संदीप ठाकुर, छात्र नेता सागर राणा, अखलाक अहमद, मेजर हिमांशु, दिव्या वाल्मीकि, मुंबई से जैनुद्दीन खान, चरण सिंह राजपूत, नरेंद्र प्रताप कटारिया, ऊषा विश्वकर्मा, आदित्य यादव, समाजवादी चिंतक दीपक मिश्रा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया. अंत में समता सम्मेलन का प्रस्ताव किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुनीलम ने रखा एवं संकल्प पत्र अरुण कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित प्रतिनिधियों ने हाथ उठाकर पारित किया. समता सम्मेलन का समापन छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ समाजवादी नेता आनंद मिश्रा ने किया.