भूपेश बघेल ने बताया उनके घर से कितना कैश ले गई ईडी, मंगाई गई थी नोट गिनने की मशीन

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि उनके घर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) छापेमारी खत्म हो गई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता में बताया कि उनके घर से जांच एजेंसी को 33 लाख …

रायपुर/ भिलाई / हैदराबाद, 11 मार्च, 2025. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि उनके घर प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) की छापेमारी खत्म हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने बताया कि उनके घर से केंद्रीय जांच एजेंसी को 33 लाख रुपए मिले हैं, जिनका हुआ हिसाब देने के लिए तैयार है. ईडी ने कथित शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल और उनके बेटे के आवास पर छापेमारी की. एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर ईडी की टीमों ने सोमवार को दिनभर जांच पड़ताल की. भूपेश बघेल ने सोमवार रात करीब 7:45 बजे एक्स पर बताया कि ईडी की टीम उनके घर से चली गई है . उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि ईडी की टीम को उनके घर से
तीन चीजें मिली है जिनमें मंतूराम और डॉ पुनीत गुप्ता ( डॉ रमन सिंह के दामाद) के बीच करोड़ों के लेनदेन की बातचीत की पेन ड्राइव और डॉ रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह की सेल कंपनी के कागजात शामिल है.

पीएम आवास से जुड़ा पूछा था सवाल, इसीलिए ईडी आई, नहीं था सर्च वारंट- भूपेश


बघेल ने यह भी बताया कि उनके घर से 33 लाख रुपए कैश की बरामदगी हुई है. उन्होंने कहा, पूरे संयुक्त परिवार में खेती, डेयरी, स्त्री धन, ” कैश इन हैंड ” मिलाकर लगभग 33 लाख रुपए, जिसका हिसाब उनको दिया जाएगा .’ पूर्व सीएम ने कहा कि ईडी के अधिकारी कोई ईसीआईआर नंबर नहीं दे पाए हैं. दोपहर में ईडी के अधिकारियों ने कैश गिनने की मशीन भी पूर्व सीएम के घर मंगवाई थी. अभी जांच एजेंसी की ओर से बरामदगी का कोई ब्यौरा नहीं दिया गया है. रेड खत्म होने के बाद भूपेश बघेल ने आवास के बाहर दिन भर हंगामा करते रहे समर्थकों से मुलाकात की . उन्होंने हाथ जोड़कर समर्थन के लिए उनका आभार जताया. बघेल ने कहा,’ जिस तरह आप लोगों ने मेरा उत्साह वर्धन किया है. इस संकट के समय डटकर खड़े रहे, इसके लिए मैं हाथ जोड़कर आपका आभार जताता हूं .

क्यों बघेल के घर भी पहुंची जांच एजेंसी

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई ( दुर्ग जिले ) स्थित परिसरों, चैतन्य बघेल की कथित करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल और कुछ अन्य के परिसरों में भी पीएमएलए एक्ट के तहत तलाशी ली गई . ईडी सूत्रों ने बताया कि चैतन्य बघेल अपने पिता के साथ भिलाई में रहते हैं, इसलिए उस
परिसर पर भी छापेमारी की गई. उन्होंने कहा कि संदेह है कि वह( चैतन्य बघेल) शराब घोटाले के अपराध से हुई आय के प्राप्तकर्ता हैं.

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला+ जांच एजेंसी ने पहले कहा था कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हुआ और इस अपराध से प्राप्त 2100 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेब में गई. इस मामले में जांच एजेंसी ने जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा रायपुर के महापौर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी और कुछ अन्य को गिरफ्तार किया था.ईडी के मुताबिक, कथित शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी . इस जांच के तहत जांच एजेंसी ने अब तक विभिन्न आरोपियों की लगभग 205 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की हैं. शीर्ष अदालत ने 2024 में इस मामले में ईडी की पहली प्राथमिकी खारिज कर दी थी, जो
आयकर विभाग की शिकायत पर आधारित थी.