बिहार चुनाव पर कैसे पड़ेगा वक्फ संशोधन बिल का असर, राजद और कांग्रेस को होगा फायदा
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
वक्फ संशोधन बिल के संसद के दोनों सदनों से पारित कराने में नीतीश कुमार की जेडीयू ने अहम भूमिका निभाई है. अगर नीतीश कुमार इस बिल पर एनडीए का समर्थन नहीं करते तो मोदी सरकार के लिए यह बिल पारित कराना असंभव हो जाता

पटना/ हैदराबाद, 5 अप्रैल, 2025. वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा से पारित होने पर विपक्षी दलों ने इसे असंवैधानिक, जन विरोधी और राजनीति से प्रेरित बताया है. वहीं, एनडीए के नेताओं ने इसे अल्पसंख्यकों के साथ ही देश के लिए एक बेहतरीन कदम बताया है. लेकिन इन सबसे अलग एक सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर इस बिल को अभी क्यों पारित कराया गया और इसका बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
जेडीयू से हो सकता है मुस्लिम वोटरों का मोहभंग
केंद्र की मोदी सरकार के पास लोकसभा में अपने सिर्फ 240 ही है. लेकिन नीतीश कुमार एनडीए का हिस्सा है . इस वजह से उनके लोकसभा के 12 और राज्यसभा के 4 सांसद इस मुद्दे पर मोदी सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे. इतना ही नहीं जेडीयू ने तो बिल पर बहस से पहले ही अपने सांसदों को व्हीप जारी करके सदन में रहने के आदेश दिया भी था. यह सभी जानते हैं कि मुस्लिम मतदाता बीजेपी को आज भी वोट नहीं देते. लेकिन बिहार की सत्ता पर काबिज जदयू को जरूर वोट देते हैं. ऐसे में इस बिल का समर्थन करने से मुस्लिम वोटर उनका साथ छोड़ इंडिया गठबंधन को अपना वोट दे सकते हैं.
इंडिया ब्लॉक को हो सकता है सीटों का फायदा
बिहार में कई ऐसे जिले हैं, जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में है, नीतीश कुमार के एनडीए में जाने और वक्फ बल के मुद्दे पर साथ देने की वजह से वह इंडिया गठबंधन को वोट कर सकते हैं . ऐसे में जदयू को सीटों का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है . हालांकि, यह सिर्फ कयास है . क्योंकि बिहार की महिला वोटरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अपनी अपील है जिनसे उन्हें वोट मिल सकता है .
महिलाओं में है नीतीश कुमार की अपील
बता दें कि , बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आधी आबादी में अच्छी पकड़ है. 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही उन्होंने महिलाओं के विकास के लिए कई अहम योजनाएं चलाई . इसका असर साफ तौर पर दिखता है. चाहे छोटी बच्चियों को स्कूल जाने के लिए मुक्त साइकिल देने की योजना हो या फिर ग्रेजुएशन करने पर 50 हजार नगद राशि देने की हो. इन सब योजनाओं की वजह से नीतीश कुमार महिलाओं की पहली पसंद है और महिलाएं उन्हें वोट करती हैं.
वक्फ बल पर मोदी सरकार का साथ देना जदयू को पड़ा भारी, मुस्लिम के बाद अब हिंदू नेता ने छोड़ी पार्टी
वक्फ बिल के मुद्दे पर केंद्र सरकार का साथ देने से जदयू के कई नेता पार्टी से नाराज हैं . पार्टी के कई अल्पसंख्यक नेताओं ने तो पार्टी से इस्तीफा देना भी शुरू कर दिया है. ऐसे में इसी बात को मुद्दा बनाकर अब पार्टी के हिंदू नेता ने भी जेडीयू से इस्तीफा दे दिया है. जहां एक-एक कर जदयू के मुस्लिम नेता पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं. वहीं, अब तक आधा दर्जन नेताओं के जदयू से इस्तीफे की खबर आ चुकी है. इन सबके बीच अब खबर आ रही है कि बिल के मुद्दे से जेडीयू यूके नाराज हिंदू नेता ने भी पार्टी छोड़ दिया है.
इस हिंदू नेता ने पार्टी से दिया इस्तीफा
वक्फ बिल के मुद्दे पर
मुजफ्फरपुर से आने वाले जदयू के नेता एम. राजू नैयर ने जदयू के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है. राजू नैयर ने कहा कि वक्फ बोर्ड पर जो सरकार बिल लाई, उससे आहत होकर हमने पार्टी छोड़ा है. राजू नैयर युवा जदयू के प्रदेश सचिव थे.
बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे पूर्व जदयू नेता
इससे पहले जदयू के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद अहमद अशफाक करीम, विधान पार्षद गुलाम गौस, और पूर्व विधान पार्षद गुलाम रसूल बलियावी ने भी पार्टी के वक्फ बिल के समर्थन में संसद में वोटिंग करने का विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है.