नीतीश की पार्टी में सियासी बवंडर, बड़े मुस्लिम नेताओं ने छोड़ा साथ

बिहार में सताधारी नीतीश कुमार की जेडीयू के दो दर्जन से अधिक नेताओं ने वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने और पार्टी के समर्थन से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया है. इनमें सबसे नया नाम नदीम अख्तर का है . इसके पहले राजू नैयर, तबरेज सिद्दीकी अलीग, मोहम्मद शाहनवाज मलिक, और मोहम्मद कासिम अंसारी प्रमुख है.

पटना/ चंपारण/ हैदराबाद, 6 अप्रैल, 2025. बिहार में सताधारी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में बवंडर मचा हुआ है. अब तक दो दर्जन से अधिक बड़े मुस्लिम नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है . संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पर जेडीयू के समर्थन के कारण इस्तीफों का दौर चल निकला है. यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में पारित हो चुका है. इसका साइड इफेक्ट यह रहा कि कम से कम 5 बड़े मुस्लिम नेताओं समेत 2 दर्जन से अधिक नेताओं ने नीतीश का साथ छोड दिया है. उनका कहना है कि वे इस विधेयक से सहमत नहीं हैं. हालांकि, शुरू में एक – दो नेताओं को पार्टी ने पहचानने से इनकार कर दिया था, मगर, मामला थमा नहीं.

जेडीयू के कई बड़े मुस्लिम नेताओं का इस्तीफा
जेडीयू के कई नेता वक्फ संशोधन विधेयक पर नीतीश कुमार के समर्थन से नाराज हैं. उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. सबसे पहले राजू नैयर ने इस्तीफा दिया. फिर तबरेज सिद्दीकी अलीग, मो. शाहनवाज मलिक और मो. क़ासिम अंसारी ने भी पार्टी छोड दी. आखिर में नदीम अख्तर ने इस्तीफा दे दिया.

पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने लगाए इल्जाम
तबरेज सिद्दीकी अलीग ने जेडीयू के मुखिया और बिहार के सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखा. उन्होंने पार्टी पर मुस्लिम समुदाय का विश्वास तोड़ने का आरोप लगाया. शाहनवाज मलिक ने अपने पत्र में लिखा,’ हम जैसे लाखों मुसलमानों को दृढ विश्वास था कि आप एक सच्चे सेक्युलर विचारधारा के लिए खड़े हैं. वह विश्वास अब चकनाचूर हो गया है. हम जैसे लाखों समर्पित कार्यकर्ता वक्फ विधेयक संशोधन अधिनियम 2024पर जेडीयू के रुख से बहुत हैरान है.

वक्फ बिल पर नीतीश के समर्थन से नाराज डॉ. क़ासिम अंसारी

वहीं, मो. क़ासिम अंसारी ने कहा कि वक्फ विधेयक मुसलमानों के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. ये विधेयक संविधान के कई मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है.

जदयू से इस्तीफा बदस्तूर जारी

ढाका जेडीयू में मचा घमासान के बीच दर्जनों नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.
जानकारी के मुताबिक, गौहर आलम, मो.मुर्तुजा, मो. शबीर, मौसिम आलम, मो. जफीर खान, मो. आलम, मो तुरफैन, मो. मोतिन, सुफैद अनवर, मुस्तफ़ा कमाल ( अफरोज ), फिरोज सिद्दीकी, सलाउद्दीन अंसारी, सलीम अंसारी, एकरामुल हक और सगीर अहमद जैसे अनेक नेता और कार्यकर्ताओं ने जदयू से इस्तीफा दे दिया है.