वक्फ विधेयक पर बीजेडी के फैसले से पार्टी में मचा घमासान, बाहरी ताकत का हाथ
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की रिपोर्ट
ओड़िशा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बीजू जनता दल के फैसले को लेकर पार्टी में घमासान मचा हुआ है. पार्टी के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता नेतृत्व के फैसले की आलोचना कर रहे हैं. हालांकि पार्टी सुप्रीमो नवीन पटनायक पर अपना भरोसा भी जताया है.
भुवनेश्वर / हैदराबाद, 10 अप्रैल, 2025. : बाहरी ताकत का हाथ, वक्फ विधेयक पर पार्टी के रुख बदलने से बीजू जनता दल में घमासान : संसद में वक्फ विधेयक पर वोटिंग के दौरान बीजू जनता दल ने अपने सदस्यों से अंतरात्मा से वोटिंग करने को कहा था. अब पार्टी नेतृत्व के इस फैसले पर कार्यकर्ता और कुछ बड़े नेताओं ने नाराजगी व्यक्त किया है . विधेयक पर पार्टी के रूख में हुए बदलाव को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं.
पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बीजू जनता दल में मौजूदा हालात को काल बैसाखी जैसा बताया है. जबकि ओड़िशा विधानसभा में उप नेता प्रसन्न आचार्य ने वक्फ विधेयक का विरोध न करने के पार्टी के फैसले के पीछे किसी बाहरी ताकत का हाथ होने का संदेह जताया है. दरअसल, ओड़िशा के पूर्व मुख्यमंत्री तथा बीजू जनता दल के संस्थापक अध्यक्ष नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पार्टी में इस मुद्दे को लेकर आंतरिक घमासान तेज हो गया है. पार्टी के कई कार्यकर्ता पार्टी के रुख में आए बदलाव की आलोचना कर रहे हैं. हालांकि, पार्टी में बाहरी ताकत का संदेह जताने वाले प्रसन्न आचार्य ने नेतृत्व का बचाव करते हुए कहा, विधेयक के संबंध में भले ही पार्टी के रूख में बदलाव आया है लेकिन बीजेडी अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि को कायम रखे हुए हैं . उन्होंने कहा, ” हमारी पार्टी धर्मनिरपेक्ष है और हम एनडीए या इंडिया गठबंधन से समान दूरी बनाए हुए हैं. क्षत्रिय पार्टी के रूप में बीजू जनता दल ओड़िशा के हितों पर आधारित किसी भी मुद्दे का समर्थन या विरोध करता है. वहीं, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी
इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर उपजे असंतोष को स्वीकार किया और कहा कि हां इस मुद्दे पर पार्टी का जो फैसला रहा उस पार्टी के भीतर नाराजगी है और हमें इसे स्वीकारने में कोई हिचक नहीं है… लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारे नेता नवीन पटनायक किसी भी स्थिति को संभालने के लिए सक्षम है… वह हमेशा से ही धार्मिक भेदभाव के बिना काम करते रहे हैं .