हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट

बीआरएस ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के पास की 400 एकड़ जमीन को गिरवी रखकर 10 हजार करोड़ रुपए जुटाने के मामले की केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है. इसमें कांग्रेस सरकार के समय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है. कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि बीआरएस नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए आधी जानकारी के आधार पर बयान दे रहे हैं
हैदराबाद, 12 अप्रैल, 2025. तेलंगाना में विपक्षी भारत राष्ट्र समिति ( बीआरएस ) पार्टी ने शुक्रवार को मांग की कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के पास 400 एकड़ जमीन को एक निजी बैंक के पास गिरवी रखकर 10 हजार करोड रुपए जुटाने के मामले की जांच सीबीआई या गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय ( एसएफआइओ ) जैसी एजेंसियों से करवाई जाए. पार्टी का आरोप है कि इस मामले में कांग्रेस सरकार के समय बड़ी अनियमितताएं हुई है. बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी. रामा राव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया कि जमीन गिरवी मामले में बीजेपी का एक सांसद भी शामिल है और वह मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार की लेनदेन के बदले मदद कर रहा है. उन्होंने इस पूरे मामले को एक बड़ा वित्तीय घोटाला बताया .
केंद्रीय एजेंसियों से करवाई जाए मामले की जांच :– केटी रामा राव
उन्होंने कहा, हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार इस मामले की जांच आरबीआई, सीबीआई, एसएफआइओ या
सिवीओ जैसी एजेंसियों से करवाए. अगर केंद्र हमारी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं करता, तो इसे ऐसा माना जाएगा कि कांग्रेस सरकार और केंद्र सरकार दोनों मिलीभगत से यह काम कर रहे हैं. रामा राव ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी और पूरे मामले की जानकारी देगी .
आधी — अधूरी जानकारी के आधार पर आरोप लगा रहे बीआरएस नेता :– कांग्रेस
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने केटीआर के आरोपी को खारिज करते हुए कहा कि बीआरएस नेता आधी — अधूरी जानकारी के आधार पर बोल रहे हैं और सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीआरएस और भाजपा आपस में मिली हुई है और मिलकर हैदराबाद विश्वविद्यालय की जमीन के मुद्दे को जानबूझकर विवादित बना रहे हैं, ताकि कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए ऐतिहासिक पिछड़े वर्ग के सर्वेक्षण से ध्यान भटकाया जा सके. उन्होंने कहा कि मैं केटी रामा राव पूछता हूं–
आपके शासन में हैदराबाद और उसके आसपास कितने हजार एकड़ जमीन बेची गई? कितनी जमीन आपके समर्थकों को दी गई? कितने जंगल कांटे गए? लोग वह दिन नहीं भूले हैं.