हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह रिपोर्ट
तेजस्वी यादव ने सतुआनी का त्योहार मनाया और सतू खाया, लेकिन मिनरल वाटर के इस्तेमाल पर जदयू ने निशाना साधा. तेजस्वी ने अपने पिता लालू यादव से सतू खाने की परंपरा सीखी थी
राघोपुर/ वैशाली / हैदराबाद, 14 अप्रैल, 2025. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का सतुआन पर्व पर सतू खाने का वीडियो सामने आया है. सोमवार को इस पर्व के दिन तेजस्वी यादव का वही अंदाज सामने आया है जो राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का कभी रहता था . आज अंबेडकर जयंती भी है और तेजस्वी यादव ने वैशाली जिले में एक महादलित परिवार के घर जाकर सतू खाया. बिहार समेत देश के अलग-अलग राज्यों में आज यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. मान्यता के मुताबिक, लोग गंगा स्नान कर भगवान की आराधना करने के बाद सत्तू कहते हैं. इस परंपरा के तहत राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी सत्तू खाकर सतुआनी का त्योहार मनाया. दरअसल, तेजस्वी यादव ने महा दलित समाज के लगनदेव दास के घर पर सत्तू खाया. हालांकि, इस दौरान मिनरल वाटर के इस्तेमाल को लेकर उनके विरोधियों ने उन पर खूब निशाना साधा. इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि सबसे पहले सत्तू मेरे पिता लालू यादव ने मुझे खिलाए थे . वह जब भी सत्तू खाते थे, तब हम सभी को बुलाकर खिलाते थे. सत्तू पचाना आसान नहीं होता है. लिट्टी में भी सत्तू की फीलिंग होती है . यहां यह भी बता दें कि तेजस्वी यादव सोमवार को अपनी पार्टी के तरफ से निर्धारित अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने अपने विधानसभा क्षेत्र रामपुर पंचायत पहुंचे थे. इस दौरान तेजस्वी ने सत्तू का सेवन किया. इससे पहले तेजस्वी यादव
राजद कार्यालय में आयोजित अंबेडकर जयंती कार्यक्रम के दौरान संविधान को लेकर कहा कि संविधान बचाने के लिए हम लोग खड़े हैं. हम लोगों को कोई हाथ तो लगाकर देखें. इस बीच जदयू के प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि तेजस्वी यादव दलित के घर जाकर सत्तू का सेवन तो किए हैं. लेकिन दलित के घर का पानी पीना मुनासिब नहीं समझे . दरअसल, देसी यादव जब सत्तू का सेवन कर रहे थे तब उन्होंने सत्तू सानने के लिए मिनरल वाटर का इस्तेमाल किया. वहीं, उन्होंने मिनरल वाटर पिया. इसको लेकर जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने अब तेजस्वी यादव पर निशान साध रहे हैं.