समाजवाद के पैरोकार थे बाबा साहब… अंबेडकर- लोहिया क़ी साझा विरासत व समाजवाद : आलेख प्रसिद्ध समाजवादी विचारक दीपक मिश्रा की कलम से

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
लखनऊ/ हैदराबाद, 14 अप्रैल, 2025. बाबा साहब भीमराव रामजी अंबेडकर के समाजवादी विचारों और चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया के साथ उनकी साझा सैद्धांति विरासत पर कमोबेश जितनी चर्चा होनी चाहिए, नहीं हुई. बाबा साहब और डॉक्टर लोहिया के आपसी पत्र व्यवहार से पता चलता है कि दोनों एक दूसरे का काफी सम्मान करते थे. कई दृष्टांत साक्षी है कि दोनों के कई विश्वास, कई मान्यताएं, भावनाएं और उद्देश्य समान थे . दोनों समदर्शी व समलक्षी थे . मुझसे एक बार लोकसभा के अध्यक्ष रहे रवि राय ने कहा कि बाबा साहब राज्य समाजवाद
( स्टेट सोशलिज्म ) के प्रबल पैरोकार थे. उस समय अध्ययनाभाव एवं अल्प ज्ञान के कारण मुझे उनकी बात पर उतना यकीन नहीं हुआ, लेकिन नेपाल यात्रा के दौरान जब समाजवादी चिंतक मधु लिमए की पुस्तक” डॉ आंबेडकर एक चिंतन”( पदम बहादुर थापा द्वारा अनुवादित ) मिली तो रवि राय का कथन पूर्णतया सत्य प्रतीत हुआ. बाबा साहब और डॉक्टर लोहिया दोनों अर्थशास्त्री थे. बाबा साहब ने लंदन में अर्थशास्त्र में परास्नातक ( एमएससी ) तो ने जर्मनी से इकोनॉमिक्स में पीएचडी की है. दोनों के अर्थ संबंधी विचार लगभग समरूप है. बाबा साहब के मुताबिक,” भारत के औद्योगिकरण के लिए राजकीय समाजवाद आवश्यक है, निजी अर्थव्यवस्था ऐसा नहीं कर सकती, यदि प्रयत्न किया जाए तो आर्थिक विषमता को ही जन्म देगी . लोहिया हर उस के सदैव विरुद्ध रहे जिसमें आर्थिक असमानता को जरा भी बल मिलता हो . बाबा साहब की ऐतिहासिक रिपोर्ट ( प्रतिवेदन) ” स्टेट्स एंड माइनॉरिटीज ” का आर्थिक अध्याय राज्य समाजवाद लाने का आह्वान करती है . उन्होंने समाजवादी सोच के अनुरूप समाज के निर्माण के वाहक के रूप में कई प्रावधान संविधान में उपबंधित किए. बाबा साहब ने बौद्ध धर्म को अपनाने के पूर्व बौद्ध धर्म की बेहतर कसौटियों में समाजवाद व लोकतंत्र को बताया था. बाबा साहब सिंचाई के पानी पर लगने वाले टैक्स को आधा करना चाहते थे. 7 अगस्त 1957 को उन्होंने तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार को इस संदर्भ में ज्ञापन दिलवाया था. लोहिया जी ने आजादी के उपरांत 1954 में आबपाशी ( सिंचाई दर ) बढ़ाने के विरोध में उत्तर प्रदेश में सत्याग्रह वह जेल भरो आंदोलन की घोषणा की. नेताजी मुलायम सिंह इसी आंदोलन में पहली बार जेल गए थे . वहीं, जब समाजवादी पार्टी की बहुमत में 2012 में सरकार बनी तब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने पहले कार्य सिंचाई के पानी को न केवल टैक्स मुक्त
अपितु निशुल्क कर दिया. 1937 में बाबा साहब की पार्टी का नाम इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी था जो इंग्लैंड की सोशल डेमोक्रेसी सिद्धांत वाली लेबर पार्टी से प्रभावित थी. यूरोप के सोशल डेमोक्रेटों और एशिया के समाजवादियों की भाव भूमि समान है. बाबा साहब जब मुंबई उत्तर से चुनाव लड़ रहे थे, तब के समाजवादियों यथा आचार्य अत्रे, अशोक मेहता, मधु लिमए, एसएम जोशी एवं विनायक आदि ने उनकी मदद की थी. यही कारण है कि जब बाबा साहब ने रिपब्लिकन पार्टी बनाई तो स्थापना अधिवेशन में संबोधन करने हेतु महाराष्ट्र के शीर्ष समाजवादी नेता एसएम जोशी व आचार्य अत्रे को आमंत्रित किया था. नवंबर 1951 में बुद्धप्रिय मौर्य से बाबा साहब ने ” खाक पॉलिटिक्स करोगे, जब तुम राम मनोहर लोहिया को नहीं जानते. एक ही नेता है, जो इमानदारी से जात-पात तोड़कर जाति विहीन समाज की स्थापना करना चाहते हैं. ” बाबा साहब के प्रयाण के बाद लोहिया ने समाजवाद की शीर्ष व्याख्याताओं में अग्रगण्य मधु लिमए को 1 जुलाई 1957 को पत्र लिखा. जिसका निष्कर्ष यह है कि डॉ लोहिया की आकांक्षा थी कि दोनों साथ आएं. उनके लिए बाबा साहब हिंदुस्तान की राजनीति के महान आदमी थे. बकौल लोहिया –” डॉ आंबेडकर विद्वान थे, उनमें स्थिरता, साहस और स्वतंत्रता थी .वे बाहरी दुनिया में हिंदुस्तान की मजबूती के प्रतीक के रूप में दिखाए जा सकते थे. लोहिया की स्वेछा के अनुरूप मधु लिमए ने बाबा साहब पर पुस्तक लिखी, लिमए के बाद सपा के मुख्य प्रवक्ता और राष्ट्रीय महासचिव मोहन सिंह ” अंबेडकर के कुछ पहलू ” लिखी. इसी विशेष कड़ी व क्रम को आगे बढ़ते हुए मैंने ” अंबेडकर– लोहिया और समाजवाद ” लिखा जो बाबा साहब पर पहले ई बुक है ताकि नई पीढ़ी उनकी ओर लोहिया की साझा समाजवादी विरासत से अवगत हो सके. दोनों नेताओं के नाम पर कुछ स्वार्थी लोग जातीय जलन की राजनीति करते हैं जबकि दोनों महान नेता भारतीय समाज से जातीय जकड़न और जड़ता का पूर्ण रूपेण उन्मूलन चाहते थे. बाबा साहब ने जाति का विनाश पुस्तक भी लिखी है. ( लेखक दीपक मिश्रा जी मंडेला अवार्ड सम्मानित है एवं समाजवादी चिंतक तथा बौद्धिक सभा व संयुक्त राष्ट्र हिंदी जन अभियान के अध्यक्ष हैं. उनका संपर्क सूत्र-8433373337- 7 31 73 567 89 है.