बिहार चुनाव से पहले एनडीए को लगा झटका, रालोजपा गठबंधन से अलग
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने एनडीए से रिश्ता खत्म कर देने की घोषणा कर दी है .
पटना/ हैदराबाद, 15 अप्रैल, 2025. खास बात यह रही कि यह ऐलान अंबेडकर जयंती के दिन एक बड़े मंच से किया गया, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता और दलित सेना के पदाधिकारी मौजूद थे. पटना के बापू सभागार में डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर आयोजित” संकल्प महासम्मेलन” के मंच से पशुपति पारस ने खुले शब्दों में कहा, ” आज से हमारा एनडीए से कोई संबंध नहीं रहेगा. हम अब एक नया बिहार बनाएंगे . राज्य की सभी 243 विधानसभा सीटों पर पार्टी को मजबूती देंगे. ” इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी और दलित सेना की ओर से किया गया था. मंच पर पारस के साथ पूर्व सांसद सूरज भान सिंह भी मौजूद थे, जिन्होंने अपने बयान से सियासी पारा और चढ़ा दिया . सूरजभान सिंह ने कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का नाम लिए बिना उन पर तंज कसते हुए कहा, ” दोनों परिवारों की सच्चाई पता है. समय आने पर सबकी पोल खोलेंगे . जो टूट और फूट उनके परिवार में है, वह पारस जी और राजकुमारी ही बताएंगे. ” उन्होंने यह भी जोड़ा की, ” हम तो बीच में कहीं है ही नहीं. जेडीयू और बीजेपी वाले ही बताएंगे कि असल सच्चाई क्या है. “
आने वाले चुनावों पर इशारा
पशुपति पारस ने स्पष्ट किया कि अब उनकी पार्टी अकेले अपनी ताकत पर बिहार की राजनीति में उतरने को तैयार है. उन्होंने कहा,” जब चुनाव का समय आएगा, तब निर्णय लेंगे कि किस गठबंधन में जाना है. जहां उचित सम्मान और स्थान मिलेगा, वहीं जाएंगे .” यह बयान न सिर्फ एनडीए से अलगाव की पुष्टि करता है, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में नई समीकरण की ओर भी इशारा करता है .
राजनीतिक हलचल तेज
इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. एक और पशुपति पारस ने एनडीए से दूरी बना ली है, तो दूसरी ओर चिराग पासवान पहले ही एनडीए के साथ खड़े दिखते रहे हैं . ऐसे में पासवान परिवार की सियासी लड़ाई एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है.