सेना की वर्दी, अंधाधुंध 50 राउंड फायरिंग, कौन है पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेने वाला टीआरएफ
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट
जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों के ऊपर गोलियां बरसाने की जिम्मेदारी टीआरएफ नाम के आतंकी संगठन में ली है. आतंकी हमले में बड़े पैमाने पर टूरिस्ट मारे गए हैं. आतंकियों ने पुलिस की वर्दी में आकर टूरिस्टों पर हमला किया. यह सामने आया था कि आतंकियों ने पहले रेकी की थी
श्रीनगर/ पहलगाम / हैदराबाद, 22 अप्रैल, 2025. जम्मू — कश्मीर से 370 हटाने के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ है. माना जा रहा है कि इस हमले में हताहतों की तादाद बहुत अधिक हो सकती है. पहलगाम के बैसरन इलाके में आर्मी के ड्रेस में पहुंचे तीन आतंकियों ने करीब 50 राउंड फायरिंग की. हॉर्स राइडिंग कर रहे पर्यटक अंधाधुंध गोलीबारी की चपेट में आ गए. आतंकी हमले की गंभीरता का इससे लगाया जा सकता है कि पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गए . उधर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अभी श्रीनगर से पहलगाम के लिए चल पड़े. आतंकी हमले में अब तक 27 से अधिक टूरिस्ट के मारे जाने की आशंका है . कुछ ऑन ऑफिशियल रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 29 होने का दावा किया गया है .
लश्कर ए तैयबा का मुखौटा
पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन’ द रेजिस्टेंस फ्रंट’ यानी टीआरएफ ने ली है. यह आतंकी संगठन पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले लश्कर ए तैयबा का मुखौटा है, जिसे विद्रोही गुट जैसा नाम दिया गया है. टीआरएफ द्वारा पिछले कई सालों में दूसरे राज्यों से आए काम करने वालों को निशाना बनाया गया है. मंगलवार को पहलगाम हमले में भी आतंकियों ने राजस्थान, ओड़िशा समेत अन्य राज्यों के पर्यटकों को निशाना बनाया गया. आतंकियों ने नाम और जाति पूछ कर गोली मारी . सूत्र बताते हैं, कई विदेशी सैलानी भी इस गोलीबारी की चपेट में आए हैं. हालांकि, राज्य सरकार ने अभी तक मिर्च को और घायलों की संख्या जारी नहीं की है. लेकिन सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन आरंभ कर दिया है.
प्रोक्सी संगठन से हमला
लश्कर ने कई और ‘ प्रोक्सी ‘ संगठन तैयार किए थे जिनमें टीआरएफ भी शामिल है. आर्टिकल 370 को निरस्त होने के बाद लश्कर ने ऑनलाइन यूनिट के तौर पर इसे ऑपरेट किया. इस संगठन के लिए लश्कर ने ऑनलाइन भर्ती और ट्रेनिंग की प्रक्रिया शुरू की. सोशल मीडिया के जरिए कश्मीर के युवाओं को इसमें शामिल किया गया. बाद में तहरीक -ए मिल्लत इस्लामिया और गजनवी के आतंकी भी टीआरएफ का हिस्सा बन गए. 2020 में पहली बार इस आतंकी संगठन ने सुरक्षा बलों पर हमले की जिम्मेदारी ली थी .