हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
खेतड़ी/ नालपुर / हैदराबाद, 23 अप्रैल, 2025. राजस्थान के खेतड़ी क्षेत्र के गांव नालपुर — बिस्सा में नाथ संप्रदाय के संस्थापक गुरु गोरखनाथ के परम शिष्य भक्त पूरणमल बाबा चौरंगी नाथ का विशाल लख्खी मेला आगामी 5 मई से 9 मई तक आयोजित किया जाएगा. इस आशय की जानकारी मेला प्रबंध कमेटी एवं भक्त पूरणमल सेवा समिति बिस्सा – नालपुर के सहसंयोजक सूबेदार प्रभु दयाल ने हैदराबाद स्थित वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार पवन भारती को दी है. उन्होंने बताया कि आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन 5 मई को धाम के पुजारी( भक्त) जनों के द्वारा जात स्थापना की जाएगी एवं 6 में को देश के कोने-कोने से आए हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं में से नवजात शिशुओं की माताएं बच्चों की जात के लिए एवं नव विवाहित दंपति गठजोड़े की जात के लिए धाम स्थित तालाबों में बाबा के पुजारी भक्तों के सानिध्य में मिट्टी की छटाई का पुण्य प्राप्त करेंगे.
यह जात्री भक्त लोग उक्त वर्णित पांचो दिन मंदिर प्रांगण में ही शरणागत रहेंगे. पत्रकार पवन भारती के मुताबिक, 7 में को मुख्य रूप से दसमी के दिन बाबा को मानने वाले सभी श्रद्धालु भक्त चूरमा की पिंडी का भोग अर्पण कर बाबा की चमत्कारी जोत दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे. वहीं, 8 में की रात्रि को मंदिर प्रांगण में बाबा का भव्य जागरण का आयोजन किया जाएगा जिसमें हरियाणा आकाशवाणी के लोक कलाकार नरदेव बेनीवाल एंड पार्टी बाबा के इतिहास का गुणगान करेंगे जबकि 9 मई अंतिम दिन प्रातः काल से ही बाबा के मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले जाएंगे. दरअसल, पौराणिक विधि के मुताबिक, आयोजित पांच दिवसीय मेले के दौरान बंद रहने वाले मंदिर के कपाट खोलने के पश्चात धाम में जात बैठे नवजात शिशु की माताएं अपने बच्चों का जडूला ( मुंडन) करवाएंगी एवं नव विवाहित जोड़े अपने गठजोड़े की जात दे सकेंगे और मनौती मांगेंगे.
उल्लेखनीय है कि यह धाम इसी बात के लिए चर्चित है, जहां लोगों का मानना है कि इस धाम में मनौती मांगने से बेरोजगारों को नौकरी, बांझ को संतान एवं कुंवारे को मनपसंद वधू मिलती है. इसीलिए हर वर्ष जिनकी मनौती पूरी होती है, वे श्रद्धालु भक्त धाम के इस विशाल आयोजन में अपनी नौकरी की पहले तनख्वाह, नवजात शिशु की माता अपने बच्चों की जडूले जात और नव विवाहित जोड़े अपने गठजोड़े की जात बाबा को श्रद्धापूर्वक चढ़ाते हैं. यहां सबसे बड़ी बात यह है कि देश आजाद होने के पश्चात सीमा पर हुए इतने बड़े युद्ध में इस गांव
का अब तक कोई भी शाहिद नहीं हुआ है. जबकि यहां गांव के करीब 500 परिवारों के घर से एक या दो फौजी जरूर हैं और अनेक युद्ध में भागीदार भी बने. उन फौजी भाइयों का कहना है कि सीमा पर कारगिल जैसे युद्ध के दौरान हमारा सुरक्षित रहना बाबा का चमत्कार ही तो है. इन चमत्कारों से रूबरू होने के लिए अनेक बार समय-समय पर यहां बड़े स्तर पर मीडिया कर्मी भी आते रहे हैं. खबर तो यह भी है कि 9 मई को ही धाम स्थित तालाब में विधि विधान के साथ गोदान का आयोजन भी होगा. सूबेदार ने बताया कि दूर दराज से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को इसी तरह कोई परेशानी ना हो इसके लिए ठहरने एवं भजन– जलपान आदि का पूर्ण रूपेण व्यवस्था मंदिर कमेटी एवं भक्त जनों के द्वारा निशुल्क रहेगी. इसके अलावा मंदिर में मेले के दौरान बाबा पूरणमल सेवा समिति हैदराबाद के द्वारा यात्रियों के लिए तीन दिवसीय भंडारे का आयोजन भी रहेगा. इतना ही नहीं हैदराबाद के स्वर्गीय मनोहर लाल विद्याधर नालपुरिया व मामचंद सुरेश कुमार नालपुरिया के द्वारा भी साउथ इंडियन भंडारा रहेगा इसकी जानकारी भंडारा आयोजन कमेटी के नरेश बंसल एवं राकेश नालपुरिया ने दी है. मेला प्रबंधन कमेटी भक्त पूरणमल सेवा समिति के फाउंडर एवं पूर्व सचिव पवन भारती ने बताया कि इस मौके पर हैदराबाद शहर से भी भक्त पूरणमल बाबा के आयोजित मेले में सैकड़ो की संख्या में अनेक तरह की सेवा देने के लिए धाम पहुंच रहे हैं. इसके साथ ही 7 मई को प्रातः काल करीब 7 बजे नवयुवक मंडल नालपुर के द्वारा गांव की चौपाल से बाबा की विशाल निशान यात्रा एवं महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी वहीं, निशान पदयात्रा में बाबा का
खूबसूरत दरबार भक्तों के द्वारा सजाया जाएगा तथा बाबा पूरणमल की अखंड ज्योत के साथ दरबार रथ चलेगा. नवयुवक मंडल के शेर सिंह ठेकेदार ने बताया कि निशान यात्रा की तैयारी युद्ध स्तर पर की जा रही है.