जेल जाना है या इस्तीफा देना है

जेल जाना है या इस्तीफा देना है, सोमवार तक तय कर लीजिए — आरोपी मंत्री को सुप्रीम कोर्ट की दो टूक

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि बालाजी ने जमात मिलने के तुरंत बाद मंत्री पद की शपथ ले ली थी .

नई दिल्ली/ चेन्नई/ हैदराबाद, 23 अप्रैल, 2025. सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा अन्यथा उनकी जमानत रद्द की जा सकती है. यह टिप्पणी बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति एजी मसीह की पीठ ने की. कोर्ट ने बालाजी को मंत्री पद और जमानत में से एक चुनने को कहा, क्योंकि उनके मंत्री बने रहने से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गवाहों पर दबाव पड़ने की आशंका है. कोर्ट ने उन्हें फैसला करने के लिए सोमवार तक का समय दिया है.

कोर्ट ने मंत्री पद की शपथ लेने पर जताई आपत्ति
वहीं सुनवाई के दौरान पीठ ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि बालाजी ने जमानत मिलने के तुरंत बाद मंत्री पद की शपथ ले ली थी. वहीं, सुनवाई के दौरान जस्टिस ओका ने सेंथिल बालाजी की ओर से पेश अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से पूछा कि आपको मंत्री और जमानत के बीच चुनाव करना होगा. इस दौरान जस्टिस ने पिछले फसलों में की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया.

‘ जमानत गुण दोष के आधार पर नहीं दी गई’
जस्टिस ओका ने कहा कि आपको जमानत गुण दोष के आधार पर नहीं बल्कि अनुच्छेद 21 के उल्लंघन के आधार पर दी गई थी. ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सेंथिल बालाजी ने जमानत के लिए गाली देते हुए कहा था कि उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है.

इससे उद्देश्य पूरा नहीं होगा—- जस्टिस ओका
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा यदि उनके द्वारा प्रभावित किए जाने की आशंका है तो मुकदमे को राज्य से बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है . बता दें कि कपिल सिब्बल सेंथिल बालाजी की ओर से पेश हुए थे. इस पर जस्टिस ओका ने कहा कि इससे उद्देश्य पूरा नहीं होगा.एक हजार गवाह है.

2023 में सेंथिल बालाजी को किया था गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) ने उन्हें जून 2023 में गिरफ्तार किया था, और सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर 2024 को लंबी हिरासत और मुकदमे में देरी के आधार पर उन्हें जमानत दी थी .

जमानत मिलने पर ली थी मंत्री पद की शपथ
जमानत मिलने के तीन दिन बाद 29 सितंबर 2024 को बालाजी को तमिलनाडु की डीएमके सरकार में फिर से बिजली, ऊर्जा और उत्पाद शुल्क मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया.

क्या है पूरा मामला
सेंथिल बालाजी पर 2011 से 2015 के दौरान एआईएडीएमके सरकार में परिवहन मंत्री रहते हुए” नौकरी के बदले कैश ” घोटाले में मनी लांड्रिंग के आरोप हैं.