बंगाल में चढ़ा सियासी पारा,जगन्नाथ मंदिर के बहाने सीएम ममता से मिले दिलीप घोष

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शादी के मौके पर भी दिलीप घोष को पत्र लिखकर बधाई दी . तब उन्होंने दिलीप घोष को नए जीवन अध्याय की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके

दीघा / कोलकाता/ हैदराबाद, 30 अप्रैल, 2025 . पश्चिम बंगाल की राजनीति में दो धुर विरोधी दालों के दो बड़े नेताओं की मुलाकात से राज्य का सियासी पारा अचानक चढ गया है और चर्चा होने लगी है कि दोनों की मुलाकात का क्या मायने हैं? कहीं कोई सियासी खिचड़ी तो नहीं पक रही है ? दरअसल, राज्य की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस( टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ अनौपचारिक मुलाकात की. ये मुलाकात दीघा में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह में हुई. भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से दिलीप घोष की मुलाकात पर नाराजगी जताई है . हालांकि, दिलीप घोष का नाम लिए बगैर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मैं किसी के व्यक्तिगत व्यवहार पर टिप्पणी नहीं करूंगा. दिलीप घोष वहां अपनी नव विवाहित पत्नी रिंकू मजूमदार के साथ पहुंचे थे. इस दंपति ने वहां पहुंचकर जगन्नाथ मंदिर में दर्शन भी किए. इसके बाद मंदिर प्रांगण में ही अलग कमरे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की. मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित घोष शाम करीब 5:15 बजे दीघा पहुंचे थे . वहां उनका स्वागत राज्य के ऊर्जा मंत्री अरुण विश्वास और टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने किया .

घोष ने पत्नी के साथ की पूजा-अर्चना
पूर्व सांसद और उनकी पत्नी ने मंदिर परिसर में स्थित एक इमारत में मुख्यमंत्री से मिलने से पहले पूजा -अर्चना की . दिलीप घोष की पत्नी रिंकू मजूमदार भी भाजपा की सदस्य हैं . दोनों नेताओं ने एक- दूसरे का अभिवादन किया और नवनिर्मित मंदिर की भव्यता के बारे में बात की . घोष ने मंदिर से बाहर निकालने के बाद मीडियाकर्मियों से कहा, ” हमें मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले सभी मतभेदों को बाहर रखना चाहिए. यहां दो इंसानों के बीच कोई अंतर नहीं है. ” 60 साल के घोष ने इसी महीने 18 अप्रैल को भाजपा नेता रिंकू मजूमदार से शादी की.

भाजपा के अन्य नेताओं को भी मिला था निमंत्रण
दिलीप घोष के अलावा भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष तथा केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया गया था लेकिन ना तो शुभेंदु अधिकारी और ना ही सुकांत मजूमदार उद्घाटन समारोह में शामिल हुए.