झारखंड में नहीं होने देंगे जाति जनगणना

झारखंड में नहीं होने देंगे जाति जनगणना’, हेमंत की पार्टी का बड़ा ऐलान : केंद्र के सामने रख दी एक शर्त

झामुमो ने ऐलान किया है कि जब तक सरना धर्म को लागू नहीं होता तब तक वे झारखंड में जाति जनगणना नहीं होने देंगे. पार्टी ने 9 मई को राज्यव्यापी धरना प्रदर्शन का भी फैसला किया है जिसमें सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा. झामुमो का कहना है कि केंद्र सरकार ने सरना धर्म कोड पर कोई निर्णय नहीं लिया है इसलिए जाति जनगणना का कोई अर्थ नहीं है

रांची/ हैदराबाद, 6 मई, 2025. झारखंड मुक्ति मोर्चा ( झमुमो ) ने ऐलान किया है कि जब तक सरना धर्म कोड लागू नहीं होता तब तक पार्टी झारखंड में जाति जनगणना होने नहीं देगी . पार्टी के महासचिव सह – प्रवक्ता विनोद पांडेय ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि पार्टी ने सरना धर्म कोड के समर्थन में 9 मई को राज्यव्यापी प्रदर्शन का भी निर्णय लिया है . पार्टी महासचिव ने कहा कि लगभग 5 वर्ष हो गए, लेकिन झारखंड अस्मिता और पहचान से जुड़ी इस मांग पर केंद्र ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है . जबकि झारखंड विधानसभा ने 11 नवंबर 2020 को एक विशेष सत्र आयोजित कर सर्वसम्मति से सरना आदिवासी धर्म कोड का प्रस्ताव पारित किया था.

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कल बुलाई आपात बैठक, जाति जनगणना का करेगी विरोध

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कल यानी 7 मई बुधवार को आपात बैठक बुलाई है. झामुमो सरना धर्म कोड लागू किए बिना जाति जनगणना का विरोध करेगा. इस मुद्दे पर आंदोलन रणनीति तय करने के लिए यह आपात बैठक बुलाई गई है. यह बैठक 7 मई, बुधवार की सुबह 11बजे शहीद निर्मल महतो सामुदायिक भवन, उलियान ( कदमा ) में होगी. पार्टी का मानना है कि सरना धर्म कोड को मान्यता दिए बिना की जा रही जाति जनगणना आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान और अधिकारों के साथ अन्याय है . इस आपात बैठक में मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, केंद्रीय पदाधिकारी, जिला व महानगर संयोजक मंडल के सदस्य, तथा प्रखंड/ नगर कमेटी के सभी पदाधिकारी भाग लेंगे . बैठक में आगे की रणनीति, खासकर संभावित धरना प्रदर्शन पर विचार किया जाएगा.