
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्
राजस्थान विधानसभा के बिल्कुल नजदीक विधायक आवास के सामने एक कारोबारी से 20 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया. एसीबी की गिरफ्त में आया यह शख्स कोई आम आदमी नहीं बल्कि बागीदौरा से विधायक जय कृष्णा पटेल हैं . पटेल ने कारोबारी से 10 करोड़ की रिश्वत मांगी थी और सौदा ढाई करोड़ में तय हुआ था .
जयपुर / हैदराबाद, 7 मई, 2025 . राजस्थान की राजनीति में काफी युवा चेहरे सक्रिय हैं . विधानसभा चुनाव के समय हर बार कई युवा नेता विधायक बनकर विधानसभा पहुंचते हैं . नए नवेले चेहरे जब विधानसभा की दहलीज पर पहुंचते हैं तो देश और प्रदेश की तकदीर लिखने वाले भविष्य के नेता की एक नई तस्वीर उभर कर सामने आती है.
सदन तक पहुंचने वाले युवा नेता हर किसी का आइडल बन जाता है क्योंकि उसकी मेहनत और सफलता का हर कोई कायल होता है . बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र से आने वाले जय कृष्णा पटेल भी उन्हें युवा नेताओं में से एक थे जिनमें लोग भविष्य की तस्वीर देखते थे लेकिन उनके कारनामे अब सबके सामने आ चुके हैं . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की टीम ने भारत आदिवासी पार्टी( बीएपी ) के युवा विधायक को 20 लख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया . रूपयों को गायब करने के बाद एसीबी ने जमीन में गाड़कर छुपाए हुए रुपए बरामद भी कर लिए .
अलग की टेशन में रहते थे जय कृष्णा पटेल
हालांकि, सभी युवा नेताओं का अपना अंदाज होता है. वे अपने स्टाइल से राजनीति करते हैं. कुछ ऐसे होते हैं जो सबसे अलग दिखने की कोशिश करते हैं. उन्ही में से एक हैं विधायक जय कृष्णा पटेल बीएपी से विधायक बनने के बाद वे अलग ही टशन में नजर आते थे. राजनीति में सक्रिय नेता अमूमन सफेद रंग के वाहनों के उपयोग में लेते हैं लेकिन युवा विधायक जय कृष्णा पटेल ब्लैक स्कॉर्पियो के शौकीन थे . वे अपने समर्थकों के साथ जब विधानसभा क्षेत्र में दौरा करने जाते थे तो अपनी ब्लैक स्कॉर्पियो से ही जाया करते थे. उनका अपना एक अलग ही टशन था लेकिन अब यह टशन फुर्रर्र हो गया है.
पहली बार जीते और पहली बार में धरे गए
बांसवाड़ा जिले की आनंदपुरी तहसील के कनेला गांव निवासी जय कृष्णा पटेल जून 2024 में पहली बार विधायक बने. हालांकि, उन्होंने नवंबर 2023 में हुए चुनाव में भी किस्मत आजमाई थी लेकिन उन्हें भाजपा के महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने पराजित कर दिया.
2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और वह भाजपा में शामिल हो गए. इससे बागीदौरा विधानसभा सीट खाली हो गई. लोकसभा चुनाव के साथ जून 2024 में बागीदौरा विधानसभा सीट पर
उपचुनाव हुआ और इस उप चुनाव में बीएपी प्रत्याशी के रूप में जय कृष्णा पटेल चुनाव मैदान में उतरे . पटेल ने भाजपा के सुभाष तंबोलिया को लगभग 51 हजार वोटो से हरा दिया और पहली बार जीत दर्ज कर ली .
कॉलेज से ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे जय कृष्णा पटेल
जय कृष्णा पटेल अपने कॉलेज जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे. बाद में उन्होंने युवा नेता राजकुमार रोत के साथ काम करना शुरू कर दिया. वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के समय राजकुमार रोत समेत आदिवासी क्षेत्र के कई युवा नेताओं ने गुजरात की भारतीय ट्राइबल पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली और उस पार्टी के बैनर तले विधानसभा चुनाव लड़ा. अब इस बात का खुलासा हुआ है कि खनन से जुड़े सवाल उठाते हुए लगातार जय कृष्णा पटेल खनन कारोबारी को ब्लैकमेल कर रहे थे. एक खनन कारोबारी से खनन का कार्य कर देने के नाम पर विधायक जय कृष्ण पटेल ने 10 करोड रुपए की रिश्वत मांगी . बाद में ढाई करोड रुपए में डील फाइनल हुई . परिवादी रविंद्र मीणा ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई तो एसीबी ने विधायक जय कृष्णा पटेल को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों की रफ्तार कर लिया .