साथ चलो… तुम लोग भी घूम लोगे, डॉ. ने बनाया 2 हजार किमी का प्लान, ऐसे हुई हादसे में 6 की मौत
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
पुलिस के मुताबिक, कार करीब 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. जैसे ही हादसा हुआ तो टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के एयर बैग खुल तो गए, लेकिन उनके फट जाने से कार में पीछे सीट पर बैठे 6 लोगों की जान चली गई
उरई/ हैदराबाद,9 मई, 2025. उरई में झांसी– कानपुर हाईवे पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले डॉ ब्रजेश ने ही बेंगलुरु तक करीब 2 हजार किमी का सफर कार से तय करने का प्लान बनाया था. सड़क हादसे में बचे
उनके साढू अंकित ने पुलिस को बताया कि बृजेश को बेंगलुरु लौटना था . उन्होंने अंकित व उसके परिवार को भी बेंगलुरु घूम लेने और फिर कुछ दिन बाद लौट आने की बात कह कर साथ चलने के लिए राजी कर लिया था. अंकित अपनी पत्नी संगीता, बेटी सिद्धिका, साली विनीता को लेकर बृजेश के परिवार के साथ बेंगलुरु के लिए रवाना हुए थे. अंकित के मुताबिक, सभी लोग मंगलवार रात करीब 11 बजे ब्रीजा कार से निकले थे. कार बृजेश चला रहे थे, जबकि आगे अंकित बैठे थे. मानवी व कान्हा पीछे की सीट पर अपनी मां व मौसियों के साथ बैठे थे. एट पुलिस क्षेत्र के गिरथान के पास कार पहुंचते ही बृजेश को झपकी लगने से हादसा हो गया. अंकित के मुताबिक, कार में फंसे होने के कारण वह बाहर नहीं निकल पा रहे थे. बच्चों को बचाने की गुहार लगा रहे थे. कुछ देर बाद पुलिस ने कटर से कटकर सभी को बाहर निकाल, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अंकित व कान्हा का कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज चल रहा है.
मां की गोद में ही सोती रह गई मासूम
बृजेश के कहने पर साढू
अंकित अपनी पत्नी संगीता वह तीन माह की बेटी सिद्धिका को लेकर बेंगलुरु जाने के लिए तैयार हो गया. अंकित के मुताबिक, बृजेश को झांसी तक कार चलानी थी और उसके बाद अंकित कार चलाता. पीछे की सीट पर अंकित की पत्नी संगीता अपनी दूधमुही बच्ची को गोद में लेकर बैठी थी. पलक झपकते ही हुए हादसे में मासूम की अपनी मां की गोद में ही जान चली गई. संगीता ने भी जान गंवा दी.
जीजा — दीदी इस बार हम भी चलेंगे
डॉ बृजेश की दो सालियां थी. इनमें संगीता का विवाह अंकित से हुआ था, जबकि विनीत उर्फ मंदा अविवाहित थी. बृजेश पत्नी और बच्चों को साथ लेकर कुछ दिन पहले ही लौटे थे. इस पर उन्होंने साली विनीता को भी बुला लिया था. मंगलवार को जाने की बात हुई तो विनीता ने भी साथ चलने की जि़द्द की और छोटे जीजा– जीजी के साथ लौटने की प्लानिंग बनाई . हादसे में उसकी भी मौत हो गई है. मृतका के पिता जमुना प्रसाद के मुताबिक, विनीता की शादी की बात चल रही थी.
2 घंटे लग रहा जाम, पुलिस ने खुलवाया
गिरथान के पास हुए हादसे के बाद 2 घंटे के लिए जाम लग गया अब राहत बचाव कार्य चलता रहा. पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को एक तरफ हटवाया, तब जाकर जाम खुलवाया जा सका .
भीषण टक्कर में एयर बैग भी नहीं बचा सका जान
पुलिस के मुताबिक, कार करीब 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. जैसे ही हादसा हुआ तो टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के एयर बैग खुल तो गए, लेकिन उनके फट जाने से 6 की जान चली गई.
महाकाल के दर्शन करने की की तैयारी
हादसे में 6 लोगों की मौत के मामले में पूरा परिवार बेंगलुरु पहुंचने से पहले उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने की तैयारी में था. घायल अंकित के जीजा सतीश ने बताया कि बृजेश गांव से मंगलवार की सुबह अंकित को लेकर लखनऊ पहुंच गए थे. अंकित ने बताया था कि वह डॉक्टर साहब के साथ बेंगलुरु जा रहा था. वहां जाने से पहले सभी लोग महाकाल के दर्शन करने जाते इसके पहले ही परिवार का मौत से सामना हो गया. परिजनों ने सुबह निकलने के लिए कहा था, लेकिन डॉ. बृजेश नहीं माने और रात को ही निकल पड़े.
मानो वह अब कभी नहीं आएगा
खैरीघाट थाना क्षेत्र के इकघरा गांव निवासी शिव प्रसाद के बेटे बृजेश वर्मा चिकित्सक थे . होली पर गांव आए थे और बच्चों को यही छोड़कर लौट गए थे . चार दिन पहले बृजेश पत्नी वह बच्चों को वापस बेंगलुरु ले जाने के लिए आए थे. पिता शिव प्रसाद ने बताया कि उनका बेटा मंगलवार को घर से निकला था तो पूरे गांव के लोगों से मिला, मानो वह अब कभी नहीं आएगा.