70 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया इनकम टैक्स कमिश्नर जीवन लाल लवीडिया

सीबीआई ने हैदराबाद में इनकम टैक्स( छूट ) के कमिश्नर जीवनलाल लवीडिया को गिरफ्तार कर लिया है. उनके साथ चार अन्य लोग भी पकड़े गए हैं. इनमें शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप का एक सीनियर
कर्मचारी भी शामिल है. यह गिरफ्तारी 70 लाख रुपए की रिश्वत के मामले में हुई है.

हैदराबाद, 13 मई, 2025. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( सीबीआई ) ने हैदराबाद के आयकर आयुक्त ( छूट ) जीवनलाल लवीडिया और चार अन्य को 70 लाख रुपए के कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है . सीबीआई को 2004 बैच के भारतीय राजस्व सेवा ( आईआरएस ) अधिकारी लवीडिया के बारे में सूचना मिली थी कि वह कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और रिश्वत मांग रहे हैं. इसके बाद हाल ही में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. जाल बिछाकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया.

पिता बीआरएस के रहे विधायक

जीवन लाल 2004 बैच के इंडियन रिवेन्यू सर्विस ( आईआरएस ) के अधिकारी हैं. वे बीआरएस के पूर्व विधायक रामुलु नाइक के बेटे हैं. शापूरजी के जिस कर्मचारी को दबोचा गया है, उसका नाम वायरल मेहता है. वह डिप्टी जनरल मैनेजर ( टैक्सेशन) के पद पर काम करता है. सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जीवनलाल कथित तौर पर टैक्स अपील के मामलों में फायदा पहुंचाने के लिए रिश्वत ले रहे थे. वह यह काम बिचौलियों के जरिए कर रहे थे.छूट के अलावा जीवन लाल के पास दो अपील यूनिट का अतिरिक्त प्रभार भी था.

पत्नी सीआईएसएफ में महानिदेशक

जीवन लाल की शादी उत्तर प्रदेश के बांदा में हुई है. उनकी पत्नी का नाम शिप्रा श्रीवास्तव है . वह सीआईएसएफ में महानिदेशक है. फिलहाल शिप्रा का तैनाती मुंबई में है. जीवन लाल को 2014 से 2021 तक मुंबई में नियुक्त किया गया था, दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, जीवनलाल ने एनडीडबल्यू विकास निगम से सहारा लेते हुए मुंबई में 2.5 करोड रुपए का एक अपार्टमेंट प्राप्त किया था. अपार्टमेंट को दांडेला वेंकटेश्वर लू निवासी डेल डिस्ट्रिटो डी खम्मम, डेल क्यूअल प्रोबीन जीवन लाल के नाम खरीदा गया. यह जीवन लाल की बेनामी संपत्ति है .

1.2 करोड़ में हुई थी डील

दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि जीवनलाल ने वायरल मेहता से 1.2 करोड रुपए की मांग की थी. यह रकम शापूरजी पल्लोनजी इंफ्रास्ट्रक्चर गुजरात प्रा. लि. के एक मामले में फैसला उनके हक में करने के लिए मांगी गई थी. इसमें से 15 लाख रुपए पहले ही उनके बिचौलिए प्रकाश पवार और एम साजिदा शाह ने ले लिए थे. ये दोनों चेंबूर में रहते हैं. बाकी के 70 लाख रुपए बाद में दिए जाने थे.

मुंबई में भी रही तैनाती
जीवन लाल 2014 से 2021 तक मुंबई में तैनात थे . इस दौरान उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया. प्राथमिकी के मुताबिक, जीवन लाल ने मुंबई में 2.5 करोड़ रुपए का एक फ्लैट रिश्वत के तौर पर लिया था. यह फ्लैट एनडीडब्ल्यू डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को निपटाने के एवज में लिया गया था. फ्लैट दांडेला वेंकटेश्वरलू के नाम रजिस्टर किया गया है. वह खम्मम जिले के रहने वाला है और जीवनलाल भी वहीं का रहने वाला है . दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि वेंतुरा सिक्योरिटीज लि. और आनंद राव सहितोले के दो अन्य मामलों में उन्होंने 20 लाख और 15 लख रुपए लिए थे. हेमंत कुमार राजेंद्र कुमार शाह के एक मामले में जीवनलाल ने 15 लाख रुपए दिए थे.

तीन बार पास की प्रतियोगी परीक्षा
जीवन लाल लवीडिया का जन्म 29 जुलाई 1975 को खम्मम जिले के पांडुरंगपुरम में हुआ था. उनकी मां का नाम अडिग फारो है. उनकी प्राथमिक शिक्षा एनकुर के प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालय एपीआरएस में हुई और उन्होंने इंटरमीडिएट की शिक्षा नागार्जुन सागर के अनुमानित एपीआरजेसी सरकारी कॉलेज में पूरी की. उन्होंने प्रसिद्ध है नीट वारंगल में बीटेक स्नातक की डिग्री प्राप्त की.

हैदराबाद में की इंजीनियरिंग की नौकरी

एनआइटी से स्नातक करने के बाद ईसीआईएल, हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया . उसके बाद यूपीएससी की तैयारी की. पहले वह भारतीय रेलवे में आईआरएएस चुने गए. सहायक कमांडर के रूप में सीआईएसएफ में शामिल हुए और बाद में भारतीय आयकर सेवा में सहायक आयुक्त बने.