
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
पटना/ हैदराबाद, 14 मई, 2025. प्रिय प्रधानमंत्री जी. आपने अपनी पार्टी के मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता का कर्नल सोफिया कुरैशी को इंगित करते हुए एक बहुत ही सड़े हुए बयान को देखा होगा. ऐसे नाजुक मौके पर ऐसा बयान बीमार मानसिकता का परिचायक है. अभी कल ही आपने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ इस युद्ध में देश का एक एक नागरिक सैनिकों के साथ खड़ा था. क्या इन नागरिकों में देश का अल्पसंख्यक समाज नहीं खड़ा था? दरअसल, एक सोची समझी रणनीति के तहत अल्पसंख्यकों के खिलाफ देश में जहरीला माहौल बनाने का सिलसिला कई दशकों से चलाया जा रहा है. इस रणनीति का पहला लक्ष्य हिंदुओं के मन में मुसलमान का डर पैदा करना है. ताकि हिंदू इनके पीछे गोलबंद हो जाए. जिससे भय होता है, उसके प्रति आदमी के मन मे घृणा का भाव भी रहता है. इसी मकसद से इनका सबसे प्रचलित नारा है ‘ जागो हिंदू जागो’ ‘ बटोगे तो कटोगे ‘ एक मियां चार बीबी ‘, देश के गद्दारों को., गोली मारो,.. जो इनका विरोध करता है उसको ये लोग टुकड़े-टुकड़े गैंग का सदस्य घोषित कर देते हैं. इस रणनीति का फायदा भी मिला है . आज ये देश के सबसे मजबूत दल हैं. लेकिन ये और भी ज्यादा ताकत चाहते हैं. ताकि सामाजिक समता और ‘ सर्व धर्म सम भाव ‘ वाली संवैधानिक व्यवस्था को बदलकर इसे हिंदू राष्ट्र बना सकें. अंबेडकर साहेब ने चेतावनी देते हुए कहा था जिस दिन हमारा देश हिंदू राष्ट्र बन गया वह दिन दुर्भाग्य का दिन होगा. हिंदू समाज व्यवस्था में समता और बंधुत्व की कल्पना नहीं की जा सकती है. हमारा संविधान बगैर किसी भेदभाव के समता की गारंटी देता है. इसके उलट हिंदू राष्ट्र में समता ए कल्पना भी नहीं की जा सकती है. यह भाजपा के पित्र संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ढांचे से ही परिलक्षित होता है. हिंदुत्व का नारा देने वाले और उसको धरातल पर उतारने में सक्रिय आरएसएस के संगठनात्मक ढांचे को देख लीजिए. इनके 100 वर्ष के इतिहास में कभी कोई शुद्र या दलित शीर्ष पर या उसके आसपास भी नहीं पहुंच सका है. दूसरी ओर समता आधारित संवैधानिक व्यवस्था की वजह से हमारे राष्ट्रपति के सर्वोच्च पद को दलित, मुसलमान, सिख, आदिवासी और महिलाओं ने सुशोभित किया है, देश की सबसे मजबूत कुर्सी पर सिख मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री कुर्सी पर बैठ चुके हैं. क्या हिंदू समाज व्यवस्था में इसकी कल्पना भी की जा सकती है! अगर सचमुच भारत हिंदू राष्ट्र बन गया तो यह देश खंड-खंड में बंट जाएगा . इसलिए देश को बचाने के लिए इनके झांसे में नहीं आना है.
— शिवानंद तिवारी, प्रख्यात समाजवादी चिंतक तथा वरिष्ठ राजद नेता, पटना बिहार—