बुद्ध पूर्णिमा, विश्व शांति पर राष्ट्रीय एकता कवि सम्मेलन संपन्न
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह रिपोर्ट
हैदराबाद, 15 मई, 2025. गीत चाँदनी के बुद्ध पूर्णिमा और विश्व शांति पर आयोजित राष्ट्रीय एकता कवि सम्मेलन हैदराबाद स्थित संजीव आंजनेय स्वामी मंदिर, नेकलेस रोड, डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिपूर्ति के सम्मुख संपन्न होने की खबर है. यह कार्यक्रम नगर के कवियों की लोकप्रिय एवं सक्रिय काव्य संस्था ‘ गीत चाँदनी के तत्वावधान में 44 वें वर्ष के 9 वें मासिक कवि सम्मेलन की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष व चर्चित गीतकार चंपालाल बैद ने की एवं मुख्य वक्ता डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर अपना धारा प्रवाह व्याख्यान प्रस्तुत किया.वहीं, गीत चाँदनी के कार्यदर्शी, कवि गोविंद अक्षय ने मंच का सफल संचालन किया और संस्था की गतिविधियों पर आयोजित होने वाले कवि सम्मेलनों के बारे में जानकारी दी. कवि सम्मेलन के आरंभ में सर्वप्रथम भगवान संजीव आंजनेय स्वामी की पूजा अर्चना की गई एवं विश्व शांति तथा देश की एकता- अखंडता के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई. इस अवसर पर कवि संतोष कुमार मिश्र ‘ माधुर्य ‘ द्वारा अपनी मौलिक सरस्वती वंदना की रचना प्रस्तुत की गई . इस दौरान विशेष अतिथि के रूप में जयपुर, राजस्थान से पधारे सुप्रसिद्ध साहित्यकार अशोक आत्रेय, उर्दू पत्रकार मोहसीन खान, अंजनी कुमार गोयल, विभा भारती, श्रुतिकांत भारती, प्रणव कुमार सिंह प्रमुख मंच पर उपस्थित थे. जबकि मंदिर के पंडित गुण्डय्या स्वामी सम्माननीय अतिथि के रूप में मौजूद रहे. गौरतलब है कि इस मंदिर के निर्माण में स्व. नाम देव जी का बड़ा योगदान रहा. 3 वर्ष और 6 वर्ष की आयु से विश्वेश्वर राव और बी मुरली जी मंदिर के विकास और उत्थान कार्य में उन्होंने तन, मन और धन से अपनी सेवाएं देते रहे हैं. इस दौरान कवियों द्वारा बुद्ध की शिक्षाओं, राष्ट्रीय एकता, सद्भावना और विश्व बंधुत्व सहित देश की समसामयिक परिस्थितियों पर मार्मिक गीत, गजलें, हास्य – व्यंग्य और नई रचनाओं के साथ प्रधान कविताओं का पाठ प्रस्तुत किया गया. काव्य पाठ करने वालों में कवि गोविंद मिश्रा, अशोक आत्रेय, आर दुर्गाराज पटून, संतोष कुमार मिश्र ‘ माधुर्य ‘, संत कुमार मंडल’ जागृति ‘, कवि राजकुमार यादव, दीपक चिंडालिया वाल्मिक, अनिल कुमार गुप्ता, जी. परमेश्वर, कवि गोविंद अक्षय, रत्नकला मिश्र, अंजनी कुमार गोयल, डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव प्रमुख थे . इस मौके पर विशेष अतिथि अशोक आत्रेय, जी. परमेश्वर और विभा भारती ने अपने वक्तव्यों में कहा कि गौतम बुद्ध ने विश्व में शांति स्थापित करने के लिए अपने निजी पुत्र और पुत्री को संसार के अनेक देशों में भेजा. उसके कारण ही विश्व के अनेक देशों में भारतीय संस्कृति और विश्व शांति की स्थापना हुई. मुख्य अतिथि और वक्ताओं ने कहा कि भगवान बुद्ध के संदेश ही शांति स्थापना के मूल मंत्र हैं और इसके लिए कवियों, लोक कलाकारों और साहित्यकारों को आगे आने की जरूरत है. वहीं, श्रुतिकांत भारती ने गीत चाँदनी के द्वारा आयोजित कवि सम्मेलनों की खूब प्रशंसा की और कहा कि कवियों में कूट-कूट कर देश प्रेम भरा हुआ है. अंत में कवियित्री रत्नकला मिश्रा ने कार्यक्रम में शामिल हुए कवियों, बुद्धिजीवियों और सभी श्रोताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया और कार्यक्रम समापन की घोषणा की.
