सरकार ऑपरेशन सिंदूर का कर रही राजनीतिकरण

कांग्रेस बोली — शशि थरूर लक्ष्मण रेखा पार कर दी : सरकार ऑपरेशन सिंदूर का कर रही राजनीतिकरण

कांग्रेस कार्यसमिति ( सीडब्ल्यूसी ) की बुधवार को दिल्ली में बैठक हुई . इसमें ऑपरेशन सिंदूर पर पार्टी के कुछ नेताओं, दिन में शशि थरूर भी शामिल हैं. उनके दिए बयानों पर चर्चा की गई. साथ ही केंद्र सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर के राजनीतिकरण का आरोप लगाया गया.

नई दिल्ली/ हैदराबाद, 15 मई, 2025. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में कहा गया कि,’ यह निजी विचार करने का समय नहीं है, बल्कि पार्टी के आधिकारिक रूख को स्पष्ट करने का समय है. हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं, और लोग अपनी राय व्यक्त करते रहते हैं, लेकिन इस बार शशि थरूर ने लक्ष्मण रेखा पार कर ली है. दरअसल, शशि थरूर ने 8 मई को केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और दुनिया के लिए मजबूत संदेश है. भारत ने 26 बेकसूर नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए सटीक करवाई की.
सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव में कहा — राष्ट्र दुख और संकल्प में एकजुट है . भारतीय सशस्त्र बलों ने समय-समय पर हमारे राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए वीरता के साथ आगे आकर काम किया है.
कांग्रेस ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश के डिफेंस फोर्स ने किया है, इसलिए कोई भी राजनीतिक दल इस पर अपना विशेष दावा नहीं कर सकता, जैसा कि भाजपा कर रही है. दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर हुई बैठक में राहुल गांधी, के सी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और सीडब्ल्यूसी के दूसरे सदस्य और नेता मौजूद थे

सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में कही गई बातें…

पहलगाम आतंकी हमले में खुफिया विफलता गंभीर मामला है. इससे सवाल खड़े हो रहे हैं, जो परेशान करने वाले हैं. क्षेत्र में बढ़ते तनाव और खतरों के बावजूद आतंकी बड़े हमले को अंजाम देने में कामयाब रहे. :- अभी तक कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है. हमले के लिए जिम्मेदार आतंकियों को गिरफ्तार किया जाए, उनके खिलाफ केस चलाया जाए. सरकार पहलगाम हमले में हुई चूक पर स्पष्टीकरण दे और कदम उठाए. :- पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई का अचानक समाप्त होना ( सीजफायर ) भी बहुत हैरान करने वाला है. इससे भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं. :– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान परेशान करने वाला है. केंद्र सरकार की ट्रंप के बयान पर चुप्पी समझ से पड़े हैं. हमें ये स्वीकार्य नहीं है.

सीजफायर पर कांग्रेस के पांच सवाल

यह जो मध्यस्थता हुई है, क्या भारत सरकार ने स्वीकार किया है?:– अमेरिका ने किन शर्तों पर इस प्रकार की घोषणा की है, यह बहुत बड़ा सवाल है. इसमें कश्मीर का जिक्र भी किया गया है.:– डिप्लोमेसी का अपना एक रोल है, लेकिन अगर इस प्रकार वाशिंगटन से युद्ध विराम की घोषणा होती है, तो कई सवाल खड़े होते हैं. :– इस मुद्दे पर भारतीय थल सेवा के पूर्व जनरल ने भी जो बातें बोली है, हमें उस पर ध्यान देना चाहिए.:– मैं मानता हूं कि युद्ध विराम की घोषणा के बाद जो बॉर्डर पर उल्लंघन हुए, यह इसकी विश्वसनीयता को खत्म करता है.

ट्रंप के कश्मीर पर बयान से पाकिस्तान खुश : अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था– हजार साल पुराना मुद्दा सुलझाने की कोशिश करूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर पर दिए बयान से पाकिस्तान ने खुशी जताई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि दक्षिण एशिया में शांति के लिए कश्मीर मुद्दा सुलझाना जरूरी है. वह ट्रंप की इस बयान की सराहना करते हैं . दरअसल, ट्रंप ने रविवार को कहा था कि वे भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर कश्मीर मुद्दे का हजार साल बाद हल निकालने की कोशिश करेंगे.