कोविड -19: भारत में 200 से अधिक मामले, इस राज्य ने जारी किया गाइडलाइन

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट
कोरोना का नया जेएन -1 वेरियंट फिर से आ गया है. अभी पूरे देश में लगभग 257 एक्टिव केस हैं, जिनमें से ज्यादातर केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में है. कुल मिलाकर, 11 राज्यों में अभी भी कोरोना के मरीज हैं
नई दिल्ली / हैदराबाद, 23 मई, कोरोना वायरस एक बार फिर से दुनिया भर में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा है. इस बार जेएन –1 नाम का एक नया वेरिएंट सामने आया है, और इसके कई मामले मिल चुके हैं. भारत के भी कुछ राज्यों में इस नए वेरिएंट ने दस्तक दे दी है . भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जो आंकड़े दिए गए हैं, उनके हिसाब से 19 मई तक देश में कोरोना के कुल 257 एक्टिव केस थे, जिनमें से 164 नए मामले थे . सबसे ज्यादा एक्टिव केस केरल में है, जहां 95 मामले हैं. इसके बाद तमिलनाडु में 66 और फिर महाराष्ट्र में 56 एक्टिव केस हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय देश के कुल 11 राज्यों में कोरोना के एक्टिव मामले हैं. कोरोना का नया जेएन –1 वेरिएंट फिर से आ गया है. अभी पूरे देश में लगभग ढाई सौ एक्टिव केस हैं, जिनमें से ज्यादातर केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में है . कुल मिलाकर 11 राज्यों में अभी भी
कोरोना के मरीज हैं. बता दें कि कोविड -19 मामलों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने एहतियातन नई गाइडलाइंस जारी की है. राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग ने जनता से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है.
आंध्र प्रदेश में अभी कोई केस नहीं, फिर भी अलर्ट मोड में प्रशासन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 21 मई की रात को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, 19 मई तक आंध्र प्रदेश में कोई सक्रिय कोविड मामला नहीं था. लेकिन देश के अन्य राज्यों—– विशेष कर केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु —– में कुल 257 मामलों के सामने आने के चलते सरकार ने एहतियातन कदम उठाने का फैसला किया है.
लक्षण दिखे तो तुरंत जांच कराएं, एक हफ्ते तक आइसोलेट रहे
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, गला खराब होना या सर्दी जुकाम जैसे लक्षण महसूस हो, तो उसे तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच करानी चाहिए. खासकर यदि वह हाल ही में किसी ऐसे राज्य से लौटा हो, जहां कोविड के मामले बढ़ रहे हैं, तो कोविड टेस्ट कराना और कम से कम एक सप्ताह तक खुद को आइसोलेट करना अनिवार्य होगा.
किन जगहों पर मास्क पहनना जरूरी ?
नई गाइडलाइंस में स्पष्ट कहा गया है कि मॉल, थिएटर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना जरूरी है. साथ ही बार-बार हाथ धोने की भी सलाह दी गई है. ऐसे व्यक्ति जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. ( को – मॉर्बिड ), गर्भवती महिलाएं, 5 साल से कम उम्र के बच्चे और बुजुर्ग लोगों को सलाह दी गई है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें.
विशाखापट्टनम में मिला एक संदिग्ध केस
राज्य की निर्देशक, सार्वजनिक स्वास्थ्य यह बम परिवार कल्याण डॉ. के पद्मावती ने बताया कि विशाखापट्टनम में एक 23 वर्षीय युवती में कोविड के लक्षण पाए गए हैं. प्रारंभिक टेस्ट एक निजी लैब में किया गया, जिसमें उसे कोविड और मलेरिया दोनों की पुष्टि हुई. हालांकि, इस रिपोर्ट की पुष्टि के लिए उसके नमूने सरकारी लैब में भेजे गए हैं. उन्होंने बताया कि युवती की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उसका कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है.
हवाई अड्डों पर सीमित स्तर पर निगरानी शुरू
डॉ. पद्मावती ने जानकारी दी कि राज के कुछ हवाई अड्डों पर कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है और सीमित स्तर पर यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है. लेकिन अभी तक किसी भी राज्य के लिए यात्रा पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है. उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में संक्रमण की प्रकृति हल्की है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़ से बचाना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की जरूरत है.
