21 फर्जी पुजारी- पांडा अरेस्ट

काशी विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी कर रहे 21 फर्जी पांडा– पुजारियों को वाराणसी पुलिस ने अरेस्ट किया है. दशाश्वमेध और चौक थाना क्षेत्र से पकड़े गए ये आरोपी खुद को पुजारी बताकर मोटी रकम वसूलते थे. श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि हुई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त निगरानी की बात कही है.

वाराणसी/ हैदराबाद, 11 जून, 2025. वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं से फर्जी पंडा — पुजारियों द्वारा ठगी और दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार सामने आ रही थी. इसी को गंभीरता से लेते हुए वाराणसी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 फर्जी पंडा — पुजारियों को अरेस्ट किया है. ये सभी आरोपी श्रद्धालुओं को ‘ सुगम दर्शन ‘ और वीआईपी दर्शन’ का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठते थे और अक्सर उनके साथ दुर्व्यवहार भी करते थे. दरअसल, काशी विश्वनाथ मंदिर में कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे इस तरह के फर्जीवाड़े के लिए जमीन तैयार हो गई. ठग खुद को पंडा या पुजारी बताकर श्रद्धालुओं को भ्रमित करते थे. इनमें से कई ने पारंपरिक वेशभूषा भी धारण कर रखी थी, जिससे वे असली पुजारियों जैसे प्रतीत होते थे. इस मामले में दशाश्वमेध सर्कल के एसीपी डॉ अतुल अंजान त्रिपाठी के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान दशाश्वमेध क्षेत्र से 16 और चौक क्षेत्र से 5 फर्जी पंडा — पुजारियों को अरेस्ट किया गया. एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस की 2 टीमें बनाकर जब घरपकड़ शुरू की गई तो ये सभी लोग मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से सुगम दर्शन के नाम पर न सिर्फ ठगी और वसूली करते थे, बल्कि उनके साथ बदसलू की भी करते थे. त्रिपाठी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में श्रद्धालुओं के साथ ऐसी घटना ना हो, इसके लिए पुलिस टीम तैयार कर ली गई है. पुलिस के मुताबिक, ये फर्जी पुजारी खुद को मंदिर से अधिकृत बताकर सुलभ दर्शन का वादा करते थे और प्रति व्यक्ति 500 से 1000 रुपए तक की राशि वसूलते थे.