तेलंगाना में धन कुबेर निकला इंजीनियर, आलीशान फ्लैट, विदेश में बेटे की शादी पर करोड़ों खर्च
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्यकारी इंजीनियर नुने श्रीधर से जुड़े 13 ठिकानों पर छापेमारी की और ऐसी संपत्तियां पाई जो उनकी आय से अधिक है. हैदराबाद के शेखपेट में स्काई हाई नामक एक आलीशान आवासीय परिसर में 4500 वर्ग फुट का फ्लैट, इसके अलावा करीमनगर में कम से कम 3 फ्लैट्स शामिल है.
हैदराबाद, 12 जून, 2025. तेलंगाना के सिंचाई एवं सीएडी विभाग में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नुने श्रीधर को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. एंटी करप्शन ब्यूरो ( एसीबी ) के मुताबिक, नुने श्रीधर के ठिकानों पर की गई छापेमारी में अकूत संपत्तियों के दस्तावेज और महंगे आभूषण मिले हैं. एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नुने श्रीधर धन कुबेर निकला. उसके पास एक विला, 19 प्लॉट, 3 आलीशान फ्लैट्स और 16 एकड़ कृषि भूमि के दस्तावेज मिले हैं. जानकारी के मुताबिक, नुने ने अपने बेटे की शादी विदेश में की, जहां पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए.
एंटी करप्शन ब्यूरो को मिले अरबों की संपत्ति के दस्तावेज
एंटी करप्शन ब्यूरो ने बताया कि इंजीनियर के घर और रिश्तेदारों से संबंधित 13 अन्य जगहों पर ली गई तलाशी के दौरान तेलपुर में एक विला, शेखपेट में एक फ्लैट, करीमनगर में 3 फ्लैट्स, अमीरपेट में वाणिज्य स्थान, हैदराबाद में एक इमारत, वारंगल में एक इमारत, करीमनगर में 19 आवासीय प्राइम प्लॉट्स, 16 एकड़ कृषि भूमि,2 चार पहिया वाहन, सोने के आभूषण और बैंक में जमा राशि सहित कई संपत्तियां मिली है .
कई होटलों में भी है हिस्सेदारी
अधिकारियों ने बताया कि श्रीधर के पास हैदराबाद के समीप तेलपुर में एक विला और इसके अलावा उनके पास कई करोड़ रुपए के अकूत संपत्ति का भी पता चला है.
विदेश में बेटे की शादी पर खर्च किए करोड़ों रुपए
नुने श्रीधर ने पूछे जाने पर यह भी कहा कि उन्होंने अपने बेटे के लिए एक डेस्टिनेशन वेडिंग का आयोजन किया था, जिसके सभी इंतजामों पर करोड़ों रुपए खर्च हुए. सूत्र बताते हैं कि आरोपी इंजीनियर नुने श्रीधर कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में भी शामिल रहे. यह दुनिया की सबसे बड़ी बहुचरणीय लिफ्ट सिंचाई परियोजना जो भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी हुई है. तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख के चंद्रशेखर राव को भी पीसीघोष आयोग ने तलब किया है, जो परियोजना में कथित तौर पर अनियमितताओं की जांच कर रहा है.