285 का इंजेक्शन 21 सौ रुपए में खरीदा

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान( एआईआईएमएस ) भोपाल से दवा की खरीद में गड़बड़ी का मामला सामने आया है . दरअसल, भोपाल एम्स ने जेमसिटेबिन इंजेक्शन 21 सौ रुपया प्रति नग में खरीदा है.
जबकि यह दवा दिल्ली एम्स ने 285 रुपए प्रति नग में खरीदा है.

भोपाल/ नई दिल्ली/ हैदराबाद, 21 जून 2025. जानकारी के मुताबिक, 15 मई को दिल्ली में स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक हुई थी. जिसमें भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने इस मुद्दे को उठाया था. जिसके बाद कमेटी की चेयर पर्सन अब केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने जांच का आश्वासन दिया था. वहीं अब इस मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है. गुरुवार को दिल्ली से एक जांच टीम भोपाल एम्स पहुंची. जहां डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन और प्रेसिडेंट से करीब 4 घंटे तक पूछताछ की गई और खरीद प्रक्रिया की जानकारी ली गई. आरोप है कि कोरोना काल के बाद से केंद्र सरकार दवा खरीद नियमों ( जीएफआर 2017) का पालन भोपाल एम्स ने नहीं किया और अमृत फार्मेसी के जरिये सीधे दवाएं खरीदी गई. अमृत फार्मेसी से केवल आपात स्थिति में दवाएं खरीदने की अनुमति थी न कि पूरी सप्लाई के अन्य सभी एम्स डायरेक्टर टेंडर के जरिए दवाएं खरीदतें हैं, लेकिन भोपाल एम्स अकेला ऐसा संस्थान है जो पूरी खरीद अमृत फार्मेसी से करता है और जीएफआर नियमों का पालन नहीं करता.