बीजेपी-आरएसएस नहीं चाहते भारत का गरीब बच्चा अंग्रेजी सीखे

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर गरीब बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा से वंचित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शक्ति का प्रतीक है, न कि शर्मिंदगी का. यह रोजगार और आत्मविश्वास का द्वार खोलती है. उन्होंने सभी बच्चों को समान शैक्षिक अवसर देने की वकालत करते हुए भारतीय भाषाओं के महत्व को भी स्वीकार किया.


नई दिल्ली/ हैदराबाद, 21 जून, 2025. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को अंग्रेजी भाषा को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला . उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म’ एक्स ‘ ( पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि बीजेपी और आरएसएस नहीं चाहते कि भारत का गरीब बच्चा अंग्रेजी सीखे, क्योंकि वे नहीं चाहते कि वह सवाल पूछे, आगे बढ़े और बराबरी करे. राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा के महत्व पर जोर देते हुए लिखा, अंग्रेजी बांध नहीं, पुल है. अंग्रेजी शर्म नहीं, शक्ति है . अंग्रेजी जंजीर नहीं— जंजीर तोड़ने का औजार है. उन्होंने यह भी कहा कि आज की दुनिया में अंग्रेजी उतनी ही आवश्यक है जितनी किसी व्यक्ति की मातृभाषा, क्योंकि यह भाषा न केवल रोजगार के अवसरों का द्वार खोलती है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढाती है.

हर बच्चे को अंग्रेजी सीखने का समान अवसर मिले
कांग्रेस नेता ने भारतीय भाषाओं की महत्ता को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा, भारत की हर भाषा में आत्मा है, संस्कृति है, ज्ञान है. हमें उन्हें संजोना है. साथ ही , उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि हर बच्चे को अंग्रेजी सीखने का समान अवसर मिलना चाहिए. उनका मानना है कि यही वह रास्ता है जो भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा करेगा और देश के हर बच्चे को बराबरी का मंच प्रदान करेगा. राहुल गांधी ने अंग्रेजी को लेकर बयान एक्स पर पोस्ट करने के साथ ही वीडियो भी पोस्ट किया गया है. इस वीडियो के माध्यम से बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला गया है. राहुल गांधी के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक भारतीय राजनीति में शिक्षा और भाषा को लेकर चल रही बहस के संदर्भ में देख रहे हैं.

राहुल गांधी का बीजेपी और आरएसएस पर हमला

विपक्ष लंबे समय से यह आरोप लगाता आ रहा है कि मौजूदा केंद्र सरकार शिक्षा और भाषा के माध्यम से सामाजिक समानता के विचार को पीछे धकेल रही है. कांग्रेस का मानना है कि भारत के गरीब और पिछडे
वर्गों को भी वैसे ही शिक्षा और भाषाई सुविधा मिलनी चाहिए जैसी सुविधा समाज के उच्च वर्गों को मिलती है. भाजपा और आरएसएस पर सीधा हमला करते हुए राहुल गांधी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अंग्रेजी से वंचित करना एक तरह से गरीबों को अवसरों से वंचित करना है. उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि सत्ताधारी दल नहीं चाहते कि गरीब वर्ग के लोग इतनी शिक्षा प्राप्त करें कि वे सत्ता से सवाल कर सकें.