आरएसएस के बयान पर बिफरे लालू यादव, बोले – संविधान से छेड़छाड़ नहीं होने देंगे
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने आरएसएस के सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले पर तीखा हमला बोला है. होसबोले ने संविधान की प्रस्तावना से’ सेकुलर’ और सोशलिस्ट ‘ शब्दों को हटाने की वकालत की थी
पटना/ हैदराबाद, 28 जून, 2025. राष्ट्रीय जनता दल( आरजेडी ) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) के सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले पर तीखा हमला बोला. उन्होंने’ समाजवादी’ और ‘ पंथनिरपेक्ष ‘ शब्दों को संविधान की प्रस्तावना से हटाने की होसबोले की मांग को देश के लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर सीधा हमला बताया. लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘ एक्स ‘( पूर्व ट्विटर) पर अपनी नाराजगी जताते हुए आरएसएस को ” देश का सबसे बड़ा जातिवादी और नफरत फैलाने वाला संगठन” करार दिया. उन्होंने लिखा, ” देश के सबसे जातिवादी और घृणा फैलाने वाले संगठन आरएसएस ने संविधान को बदलने की मांग की है. ” आरएसएस के वरिष्ठ नेता होसबोले ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि प्रस्तावना में ‘ सेकुलर’ और सोशलिस्ट शब्दों को आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने जोड़ा था और इन्हें हटाने पर विचार किया जाना चाहिए. लालू प्रसाद यादव ने पलटवार करते हुए कहा, ” इन लोगों में इतनी हिम्मत नहीं कि संविधान और उसमें दिए गए आरक्षण पर बुरी नजर डाल सकें. जिनका चरित्र अन्याय पूर्ण होता है, वे ही लोकतंत्र और बाबा साहब अंबेडकर के संविधान से इतनी नफरत करते हैं. ” गौरतलब है कि दत्तात्रेय होसबोले ने कांग्रेस की आपातकालीन कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए कहा था कि उसे समय संसद नहीं चल रही थी, न्यायपालिका निष्क्रिय थी और उसी दौरान प्रस्तावना में ये दोनों शब्द जोड़े गए थे.