‘ संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहते हैं, संघ और बीजेपी’, राहुल गांधी के बचाव में शशि थरूर !
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट
राहुल गांधी ने कहा था कि आरएसएस और बीजेपी को संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहिए. ये बहुजन और गरीबों से उनके अधिकार छीनकर उन्हें दोबारा गुलाम बनाना चाहते हैं. अब इस पर शशि थरूर का रिएक्शन सामने आया है.
नई दिल्ली/ हैदराबाद, 29 जून, 2025. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बयान दिया था कि बीजेपी– संघ संविधान के बजाय मनुस्मृति चाहते हैं. इस बयान पर जब बीजेपी ने सवाल उठाए तो राहुल गांधी को शशि थरूर का साथ मिला है. शशि थरूर ने कहा कि रायबरेली सांसद ने इसलिए ऐसा कहा क्योंकि संविधान को अपनाने के समय इसकी आलोचना की गई थी. थरूर ने कहा,’ ऐतिहासिक रूप से वह ( राहुल गांधी) इस तथ्य का उल्लेख कर रहे हैं कि संविधान को अपनाने के समय यह आलोचना व्यक्त की गई थी. उस समय आरएसएस प्रमुख गोलवरकर ने अन्य लोगों के साथ कहा था कि संविधान की सबसे बड़ी खामियों में से एक यह है कि इसमें मनुस्मृति का कुछ भी नहीं है.
आरएसएस उन दिनों से आगे बढ़ चुका है : शशि थरूर
तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने कहा,’ हालांकि मुझे लगता है कि आरएसएस खुद उन दिनों से आगे बढ़ चुका है. इसलिए, एक ऐतिहासिक बयान के रूप में यह सटीक है, चाहे यह आज की उनकी भावनाओं का प्रतिबिंब हो. आरएसएस को इसका जवाब देने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में होना चाहिए.
राहुल गांधी ने कहा था ?
कांग्रेस नेता ने आरएसएस के सह – सर कार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ” एक्स ” पर पोस्ट किया था,’ आरएसएस ‘ का नकाब फिर से उतर गया. संविधान इन्हें चुभता है क्योंकि वो सामानता, धर्मनिरपेक्षता और न्याय की बात करता है. आरएसएस — बीजेपी को संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहिए. ये बहुजनों और गरीबों से उनके अधिकार छीनकर उन्हें दोबारा गुलाम बनाना चाहते हैं. संविधान जैसा ताकतवर हथियार उनसे छीनना इनका असली एजेंडा है. आरएसएस ये सपना देखना बंद करे — हम उन्हें कभी सफल नहीं होने देंगे. हर देशभक्त भारतीय आखरी दम तक संविधान की रक्षा करेगा.