महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर सियासी संग्राम

फडणवीस सरकार में मंत्री प्रताप सरनाइक इस प्रदर्शन में शामिल होकर ” मराठी अस्मिता” के साथ खड़े होने का संदेश देना चाहते थे, लेकिन मनसे कार्यकर्ताओं ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से चले जाने पर मजबूर कर दिया.

मुंबई / हैदराबाद, 8 जुलाई, 2025. महाराष्ट्र में ‘ मराठी बनाम हिंदी’ विवाद के बीच शिवसेना नेता और राज्य सरकार में मंत्री प्रताप सरनाइक एक अजीब स्थिति में फंस गए. मंगलवार को वे राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ( मनसे ) के प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, लेकिन मनसे कार्यकर्ताओं ने उन्हें हंगामें के बीच वहां से भगा दिया.

क्या है पूरा मामला ?
ठाणे के मीरा रोड इलाके में स्लेपगेट नमक विवाद ने धूल पकड़ लिया है. मनसे कार्यकर्ताओं ने एक हलवाई पर सिर्फ इसलिए हमला कर दिया क्योंकि उसका कर्मचारी हिंदी में बात कर रहा था. इस घटना के विरोध में कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके जवाब में मनसे ने ‘ मराठी सम्मान ‘ के समर्थन में रैली निकालने का ऐलान किया.

प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे मंत्री सरनाइक

इस प्रदर्शन में शामिल होकर ‘ मराठी अस्मिता’ के साथ खड़े होने का संदेश देना चाहते थे सरकार के मंत्री प्रताप सरनाइक. लेकिन मनसे कार्यकर्ताओं ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से वापस लौट जाने पर मजबूर कर दिया. वहां भारी हंगामा हुआ और पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ गया.

मनसे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मीरा रोड से हिरासत में ले लिया, क्योंकि इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी. पुलिस वैन में डालते वक्त मनसे कार्यकर्ता यह कहते सुने गए कि ” महाराष्ट्र में रहना है तो मराठी बोलना होगा. ” बता दें कि यह विवाद ऐसे समय पर हो रहा है जब उद्धव और राज ठाकरे के बीच राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं. दोनों चचेरे भाइयों ने बीजेपी के खिलाफ एकजुटता दिखाना शुरू किया है, और हाल ही में मुंबई की एक रैली में शक्ति प्रदर्शन भी किया गया.

मुंबई में मराठी के नाम पर निकाला हुजूम, पकड़ने से और भडका गुस्सा, मंत्री को दौड़ाया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ” रैली आयोजित करने का कोई विरोध नहीं है. जिस मार्ग के लिए अनुमति मांगी गई थी, मंजूरी देना मुश्किल था. पुलिस ने उनसे मार्ग बदलने का अनुरोध किया, लेकिन आयोजक एक खास मार्ग पर रैली निकालने पर अड़े रहे. राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में मराठी विरोध के नाम पर नई जान आ गई है. सालों से कमजोर पड़ा यह संगठन मराठी के नाम पर खुद को मजबूत करने में जुटा है और इसी बहाने उसने मंगलवार को मीरा रोड पर अपनी ताकत दिखाई. मनसे के ऐलान पर उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे. इसके अलावा कई और मराठी संगठनों ने भी इसका समर्थन किया. इसके कारण बड़ी संख्या में लोग जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की . सुबह से ही मीरा भयंदर में पुलिस का सख्त पहरा था और मनसे के कार्यकर्ताओं को पड़कर हिरासत में लिया जा रहा था. इससे गुस्सा और भड़क गया.

पटक– पटक कर मारूंगा, निशिकांत दुबे के बयान पर देवेंद्र फडणवीस की नसीहत
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राज ठाकरे को लेकर बयान देते हुए कहा था कि अगर राज ठाकरे में हिम्मत है तो बिहार जाकर दिखाएं, पटक पटक कर मारेंगे. इस बयान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि सांसद निशिकांत दुबे का बयान पूर्ण रूप से गलत है.