बिहार में विपक्ष का सियासी बवाल

आज बिहार बंद है. इंडिया गठबंधन के बिहार बंद का असर राजधानी पटना समेत बिहार के अलग-अलग जिलों में दिखा है . पटना, आरा, पूर्णिया, किशनगंज, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा, मुंगेर, दलसिंहसराय, समस्तीपुर, जहानाबाद, अररिया और गोपालगंज में प्रदर्शनकारियों ने कहीं ट्रेन रोका तो कहीं सड़क पर चक्का जाम किया है.

पटना/ आरा / मधुबनी / किशनगंज / हैदराबाद, 9 जुलाई, 2025. आज बिहार बंद है. बिहार में चल रहे मतदाता गहन पुनरीक्षण पर रोक लगाने की मांग करते हुए इंडिया गठबंधन आज यानि बुधवार को बिहार बंद का आह्वान किया है. बिहार के अलग-अलग जिलों में बंद समर्थक चक्का जाम कर रहे हैं. पटना से सटे दानापुर में सड़क पर आगजनी कर प्रदर्शन किया गया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के घटक दलों के नेता आयकर गोलंबर से निर्वाचन कार्यालय तक विरोध मार्च कर मुख्य निर्वाचन अधिकारी का घेराव किया. इंडिया गठबंधन ने मतदाता गहन पुनरीक्षण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है . विपक्षी गठबंधन ने इस विधानसभा चुनाव बाद कराने की सलाह दी है. गठबंधन का कहना है कि जिन 11 दस्तावेजों की मांग की जा रही है, वह गरीबों के पास नहीं है. इससे करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं. दरअसल, मतदाता गहन पुनरीक्षण के विरोध और श्रमिक संगठनों के 44 मुद्दों पर बंद का आह्वान किया गया है. बंद समर्थकों ने पूरे राज्य में चक्का जाम की चेतावनी दी थी. प्रदर्शन के चलते राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे समेत अन्य मार्गो पर यातायात बाधित हुआ है.

पटना में प्रदर्शन के बीच बोले तेजस्वी यादव, मतदाता पुनरीक्षण घात
शहीद स्मारक के पास पटना में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भाषण भी दिया. उनके संबोधन के दौरान निशाने पर केंद्र और राज्य सरकार रही. तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश साहनी, डी. राजा ने यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. सभी नेताओं ने मतदाता पुनरीक्षण को लोकतंत्र के लिए घातक बताया.

बिहार बंद, शहीद स्मारक के पास थमा महागठबंधन का काफिला.

बिहार बंद के दौरान पटना में महागठबंधन में शामिल घटक दलों के नेताओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव समेत कई दिग्गज नेताओं के नेतृत्व में महा गठबंधन के कार्यकर्ताओं के हुजूम ने पटना के आयकर गोलंबर से मार्च शुरू किया था. इस मार्च को शहीद स्मारक के पास रोक दिया गया. हालांकि इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की थी. यह बैरिकेडिंग पटना में निर्वाचन आयोग के दफ्तर से कुछ ही दूरी पर की गई है. फिलहाल कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि महागठबंधन की तरफ से सात सदस्यों का एक प्रतिनिधि मंडल चुनाव आयोग के कार्यालय के लिए रवाना होंगे और वहां उनकी मुलाकात अधिकारियों से हो सकती है. वहीं, पटना के शहीद स्मारक के पास काफी हंगामा हो रहा है. हालांकि पुलिस मार्च में शामिल महागठबंधन के कार्यकर्ताओं से बैरिकेडिंग नहीं तोड़ने की अपील कर रही है. खबर है कि शहीद स्मारक के पास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है . इधर, निर्वाचन विभाग के मुख्य द्वार पर अधिकारी प्रदर्शनकारियों के शिष्टमंडल के आगमन के इंतजार में खड़े हैं.

बिहार बंद के दौरान गोपालगंज, सहरसा, किशनगंज, मुंगेर, दरभंगा, आरा, लखीसराय, अररिया, पटना, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया समेत विभिन्न जिलों में बंद का व्यापक असर देखा गया. बिहार बंद के दौरान महागठबंधन के दिग्गज नेताओं का पटना में महाजुटान है. राहुल, तेजस्वी, सहनी, दीपांकर, डी राजा, के साथ महागठबंधन के घटक दलों के कार्यकर्ता मार्च कर रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि प्रदर्शन को रोकने में पुलिस को पसीने छूट रहे हैं.

राहुल– तेजस्वी के मार्च को रोकने की कोशिश
बिहार बंद का असर राजधानी पटना समेत कई जिलों में दिख रहा है. बंद के दौरान राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, और महागठबंधन के दिग्गज नेताओं ने एक वाहन पर सवार हाथ हिलाकर अपने कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया. वाहन पर सवार राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, मुकेश साहनी, दीपांकर भट्टाचार्य, डी. राजा समेत कई नेता देखे गए. जबकि भारी संख्या में महागठबंधन के घटक दलों के कार्यकर्ताओं की हुजूम को कंट्रोल करने में पुलिस के पसीने छूट रहे थे. बताया जा रहा है कि आयकर गोलंबर से शुरू हुआ यह मार्च निर्वाचन आयोग कार्यालय तक गया. इस दौरान पुलिस पटना में चप्पे – चप्पे पर तैनात दिखी. खबर है कि मुंगेर, आरा, बांका, और दरभंगा में भी बंद का असर दिखा. सूत्रों के मुताबिक , बिहार के पूर्णिया में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम आंदोलन किया. वहीं, दरभंगा में नमो भारत ट्रेन को महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने रोक दिया.