‘ चरवाहा विद्यालय एक कॉन्सेप्ट,’ लालू यादव के नए अवतार को आपने देखा क्या ?

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने अंदाज के लिए चर्चित हैं. इसी बीच उनका एआई वर्जन चर्चा में है.

पटना/ हैदराबाद, 14 जुलाई, 2025. ‘ चरवाहा विद्यालय लालू प्रसाद यादव का एक कॉन्सेप्ट था, एक संदेश था. इस देश के गांव में हजारों लाखों परिवार बच्चा से लेकर बूढ़ा तक गाय, भैंस, बकरी, सूअर चराता है. मैं दावे के साथ कर सकता हूं कि इन लोगों को मैंने मैसेज दिया कि पटना लिखना सीखो .’ यह लालू यादव का एआई वर्जन का बयान है, जिसे लालू प्रसाद यादव के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से शेयर किया गया है.

‘ जहां समानता और न्याय नहीं ‘…

बता दें कि, बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी से लेकर जेडीयू तक एआई का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है. इस वीडियो के साथ लालू प्रसाद यादव ने कैप्शन में लिखा, ‘ जहां सत्ता पर नियंत्रण नहीं होता और न्याय कुछ चुनिंदा लोगों के लिए आरक्षित रहता है, वहां लोकतंत्र फल फूल नहीं सकता. जहां समानता और न्याय नहीं होता, वहां शांति नहीं रह सकती.

” चरवाहा विद्यालय ‘
यहां यह बताना भी जरूरी है कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में साल 1991 के दिसंबर महीने मुजफ्फरपुर में पहला ‘ चरवाहा विद्यालय ‘ खोला गया था. हालांकि, इसका विधिवत उद्घाटन 1992 में हुआ. इसके बाद प्रदेश में कई ऐसे विद्यालय बनाए गए थे. इसका मकसद समाज के सबसे वंचित वर्ग को शिक्षित करना था. वैसे इस कॉन्सेप्ट पर विपक्ष सवाल भी उठता रहा.

‘ इतिहास में जीने वाले प्राणी…’ चूंकि इस समय बिहार में मौसम चुनावी है इसलिए वार
पलटवार का दौर चल रहा है. लालू प्रसाद यादव ने अपने दूसरे पोस्ट में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए लिखा,’ वर्तमान और भविष्य व भूत, इतिहास में जीने वाले प्राणी, अपना कुछ किया नहीं ‘. राज्य में बढ़ रहे आपराधिक घटनाओं पर लालू प्रसाद यादव ने निशाना साधा है.

पूरे तरीके से एक्टिव हुए लालू प्रसाद यादव

बता दें कि, अक्टूबर– नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है. इसको लेकर जहां सत्ताधारी दलों द्वारा लगातार योजनाओं की बौछार की जा रही है, वहीं, दूसरी तरफ विपक्षी दलों द्वारा प्रदेश में बढ़ रहे अपराध पर सरकार को घेरा जा रहा है. लालू प्रसाद यादव भी पूरी तरह से एक्टिव हो चुके हैं. बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए लगातार अपने स्ट्रेटजी पर काम कर रहे हैं.

अपराधिक घटनाओं पर तेजस्वी यादव ने लिखा
‘ इतने मर्डर हो रहे हैं कि कोई गिन भी नहीं सकता. बिहार में इंसानों का जीवन कीड़े मकोड़े से भी सस्ता हो गया है. सीतामढ़ी में गोली मारकर व्यवसायी की हत्या. पटना में दुकानदार की हत्या. नालंदा में गोली मारकर नर्स की हत्या. खगड़िया में युवक की गोली मारकर हत्या. गया और नालंदा में दो दो की हत्या. प्रदेश में चारों तरफ सरकारी गुंडो की गोलियां ही गोलियां. अपराधियों को संरक्षण दे रही सत्ताधारी नेताओं की बोलियां.
अपराधियों के साझेदार एनडीए नेता — अधिकारी जाति खोजने में व्यस्त और जनता पस्त. अब तक 116 हत्याएं हो चुकी है.