गीत चाँदनी की गुरु पूर्णिमा गोष्ठी में प्रेमचंद पर चर्चा

हैदराबाद, 14 जुलाई, 2025. गीत चाँदनी ( काव्य यात्रा ) के 44 वर्ष की 490वीं कवि गोष्ठी गुरु पूर्णिमा के दिन यहां के नामपल्ली रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 1 पर स्थित श्री बलवीर हनुमान मंदिर के महंत महामंडलेश्वर प्रभु दास महाराज के सानिध्य में संपन्न हुई. कार्यक्रम का संचालन गीत चाँदनी के कार्यदर्शी कवि गोविंद अक्षय ने किया और इस संस्था की प्रमुख गतिविधियों पर प्रकाश डाला. वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता गीत चाँदनी के अध्यक्ष गीतकार चंपालाल बैद ने की. इस मौके पर गोष्टी के प्रथम सत्र में संस्कृत की विद्वान साहित्यकार डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव और तेलुगु व हिंदी के सुप्रसिद्ध अनुवादक जी. परमेश्वर ने गुरु पूर्णिमा के महत्व और इसकी विशेषताओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए. अपने वक्तव्य में जी. परमेश्वर ने कहा कि वेदव्यास संस्कृत के महान ज्ञाता थे और उन्हें 18 पुराणों का रचयिता भी महर्षि वेदव्यास को माना जाता है. इतना ही नहीं, वेदों को विभाजित करने का श्रेय भी वेदव्यास को दिया जाता है. इन ग्रंथो में जगत का ज्ञान और प्रकृति का ज्ञान आदि निहित है. यह ज्ञान मनुष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है. जबकि इन ग्रंथो में कहीं भी जाति – पाति का कोई भेदभाव दिखाई नहीं देता. डॉ. प्रेमलता श्रीवास्तव ने कहा कि हर एक के जीवन में गुरु का महत्व है. उन्होंने कहा कि हमारे पास जो कुछ है उसमें से कुछ जरूरतमंद को सहयोग करने की जरूरत है. मुख्य वक्ता ठाकुर दिनेश सिंह ने प्रेमचंद के साहित्य पर अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परमानंद बंसल ने कहा कि प्रतिवर्ष गीत चाँदनी गुरु के सानिध्य में कवि गोष्ठियों का आयोजन करती है. यह प्रसन्नता का विषय है और संस्था ने हमेशा नए कवियों को प्रोत्साहित और सम्मान दिया है. उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा का महत्व हमारी हिंदू संस्कृति में प्राचीनतम है. समाजसेविका और अधिवक्ता हेमा मालिनी ने कहा कि गीत चाँदनी की बहुमुखी साहित्यिक गतिविधियों से कवियों को प्रेरणा प्राप्त होती है. उन्होंने सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी. विशेष अतिथि अंजलि कुमार गोयल ने कहा कि हमारे जीवन का संपूर्ण मार्गदर्शन करने वाला भी गुरु ही है . इस दौरान संपन्न कवि गोष्ठी में बहुभाषी कविगण देश की समसामयिक परिस्थितियों, गुरु की विशेषताओं एवं जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अपने मार्मिक गीत, हास्य — व्यंग्य और नई कविताएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. कवि संत कुमार मंडल जागृति द्वारा स्वरचित सरस्वती वंदना प्रस्तुति के बाद काव्य पाठ करने वाले कवियों में डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव, जी परमेश्वर, अनिल कुमार गुप्ता, चंपालाल बैद, कवि गोविंद अक्षय, ठाकुर दिनेश सिंह, आर. दुर्गाराज पटून, विजयलक्ष्मी बस्वा, अंजनी कुमार गोयल, रत्नकला मिश्र, पूनम जोधपुरी, वरिष्ठ कवि उमेशचंद्र श्रीवास्तव, शिवकुमार तिवारी कोहिरी, डॉ रेखा देवी वर्मा, अशोक दोशी, शोभा दुबे, राजकुमार यादव, पुष्पा वर्मा, आरती कुमारी, श्री हरि, सत्यनारायण काकड़ा, हरीश काकड़ा, ममता मिश्रा, विश्वनाथ पेंढारकर प्रमुख मौजूद रहे. आयोजित कवि गोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री बलवीर हनुमान मंदिर के महंथ महामंडलेश्वर प्रभु दास महाराज ने कहा कि भारत में गुरुओं का बहुत सम्मान किया जाता है. क्योंकि गुरु ही है जो अपने शिष्य को सही मार्ग दिखलाता है. कवि गोष्ठी में भाग लेने वाले सभी कवियों, रचनाकारों साहित्यकारों, कवयित्रियों एवं विशिष्ट व्यक्तियों को महंत प्रभु दास ने शाल भेंटकर सम्मानित किया एवं गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी . इस अवसर पर मेजर अशोक बस्वा का आभार व्यक्त कर शाल ओढाकर सम्मानित किया गया. अंत में कवयित्री रत्नकला मिश्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करने के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ.