बिहार में मचा चुनावी घमासान

ओवैसी की पार्टी ने राजद सुप्रीमो को खत लिखकर महा गठबंधन में दल को शामिल करने का अनुरोध किया था. लेकिन राजद की ओर से कोई जवाब नहीं आने से ओवैसी नाराज हैं.

पटना/ हैदराबाद, 16 जुलाई, 2025. गठबंधनों में सीटों की गांठ पर लगी गिरह अभी खुली नहीं है. गुणा भाग का खेल जारी है. इसलिए एनडीए के लिए रालोमो के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एक फार्मूला सामने रख दिया है. कुशवाहा के इस फार्मूले पर अमल हुआ तो लोजपा, रामविलास को 20 से 21, रालोमो को 11 से 12 और हम पार्टी को 10 से 11 सीटें मिलेंगी. उपेंद्र कुशवाहा का प्रस्ताव है कि अगर बीजेपी और जदयू 100–100 सीटों पर चुनाव लड़ती है तो शेष बची 43 सीटों पर 215 के विधानसभा चुनाव में मिली सीटों के अनुपात में टिकट बांट दिया जाए . 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और जदयू अलग-अलग थे . एनडीए में भाजपा, हम पार्टी, रालोसपा और लोजपा शामिल थे. भाजपा 160 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. लोजपा 40, रालोसपा 23 और हम पार्टी 20 सीटों पर चुनाव लड़ी थी.

83 में 48% सीटों पर चुनाव लड़ी थी लोजपा.

वर्ष 2015 में लोजपा को कुल 83 में 48% सीटें दी गई थी, जबकि रालोसपा को 28 और हम पार्टी को 24 फ़ीसदी सीटें दी गई थी. यही फार्मूला उपेंद्र कुशवाहा ने लागू करने का सुझाव दिया है. इस फार्मूले के तहत बीजेपी और जदयू के सौ – सौ सीटों पर लड़ने के बाद शेष बची 43 सीटों पर लागू किया जाएगा तो लोजपा को 21 सीटें मिलेगी जबकि रालोमो को 12 और हम पार्टी को 10 सीट मिल जाएगा.

सीटों के बंटवारे की पेंचीदगी पर सुझाया फॉर्मूला
ओपन टू कुशवाहा ने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि बीजेपी और जदयू कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. लेकिन, चर्चा में आई बातों के मुताबिक, अगर बराबर– बराबर 100–100 सीटों पर दोनों पार्टियां चुनाव लड़ती है तो सीटों का बंटवारा 2015 के चुनाव के फार्मूले पर हो सकता है. उन्होंने कहा कि हम सीधे कोई फार्मूला नहीं बता रहे हैं. किस तरह से रास्ता निकल जाएगा.

इस फार्मूले से एनडीए को मिलेगी जीत

रालोमो के प्रदेश प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने कहां की हमारी पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने सीट शेयरिंग का फार्मूला सुझाव के तौर पर दिया है. इस फार्मूले से विधानसभा चुनाव में एनडीए को जीत मिल सकती है.

अर्जुन बनना पड़ता है सीखने के लिए

एनडीए के भीतर राजनीतिक बयानबाजी मंगलवार को भी जारी रही. इसी कड़ी में जदयू के मुख्य प्रवक्ता तथा विधान पार्षद नीरज कुमार के एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ” अभिमन्यु बनना आसान है, लेकिन सीखने के लिए अर्जुन बनना पड़ता है. भूलना नहीं चाहिए– अभिमन्यु सिर्फ प्रवेश करता है, वीरगति भी पाता है. इतिहास में नाम जिद से नहीं, कार्य से लिखा जाता है. जो हर बार द्वारा तक पहुंचाते हैं, वे योद्धा नहीं, द्वारपाल बन जाते हैं. एक दिन पहले लोजपा ( आर ) के सांसद अरुण भारती ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम के संदर्भ में अभिमन्यु समेत महाभारत के पात्रों की चर्चा की थी.

गठबंधन के 243 प्रत्याशियों को अपना प्रत्याशी समझाना पड़ेगा

दूसरी और अपने बयानों से चर्चित रहे केंद्रीय मंत्री और एनडीए घटक दल लोजपा रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए इस बार के चुनाव में 225 से अधिक सीटों के लक्ष्य की ओर अग्रसर है. और यह तभी संभव है जब सभी सहयोगी दल, गठबंधन के 243 प्रत्याशियों को अपना प्रत्याशी समझेंगे. उन्होंने सभी सीटों पर अपने चुनाव लड़ने की अवधारणा को साफ करते हुए कहा वो इसी कारण से 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं. चिराग पासवान ने कहा कि राजनीति में वे बिहार और बिहारियों के हित के लिए आए हैं. दिल्ली में रहकर यह संभव नहीं है. चिराग पासवान ने एनडीए से अलग होने की बात को सीधे तौर पर नकार दिया. उन्होंने कहा कि एनडीए के अंदर रहकर ही मेरी पार्टी चुनाव लड़ेगी .

महा गठबंधन पर बरसे ओवैसी

महागठबंधन में शामिल होने के अनुरोध पर कोई जवाब नहीं मिलने से खफा ओवैसी की पार्टी बिहार में अकेले चुनाव में उतरेगी . पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एक तरफा मोहब्बत नहीं चलने वाला. हमने महागठबंधन में शामिल होने के लिए राजद के पास अनुरोध पत्र भेजा था. लेकिन, उधर से कोई जवाब नहीं आया. अब हमारी पार्टी बिहार चुनाव मैदान में जाएगी. सीमांचल की सीटों पर पार्टी का फोकस होगा. ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस – ए – इतेहादुल मुस्लिमीन के बिहार प्रमुख अख्तरुल इमान ने कहा कि हम थर्ड फ्रंट बनाने की कोशिश करेंगे. इसके अलावा ओवैसी ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का हिस्सा नहीं होगी. ओवैसी ने मीडिया से कहा कि बिहार के लोगों को यह समझना चाहिए कि हम पर भाजपा से मिलीभगत के आरोप झूठे थे. महागठबंधन के नेता नहीं चाहते कि गरीब और उत्पीडित वर्ग का कोई भी नेता आगे बढ़े.