
गीत चाँदनी की मूल्यांकन कवि गोष्ठी संपन्न, नवोदित प्रवाह पर सारगर्भित चर्चा
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
हैदराबाद, 30 जुलाई, 2025. कवियों की सक्रिय और लोकप्रिय काव्य संस्था ‘ गीत चाँदनी ‘ द्वारा संचालित सीता युद्धवीर पुस्तकालय और शोध संस्थान हैदराबाद की मासिक मूल्यांकन कवि गोष्ठी क्रम – 335 का आयोजन यहां के मोजमजाही मार्केट स्थित विशिष्ट समाजसेवी डॉ मोहन गुप्ता के आरोग्य अस्पताल, कैलाश डायग्नोस्टिक केंद्र के सेल्लार सभा कक्ष में संपन्न होने की खबर है. कार्यक्रम की अध्यक्षता गीत चाँदनी के सह- कोषाध्यक्ष ठाकुर दिनेश सिंह ने की. जबकि मंच संचालन संस्थान के कार्यदर्शी तथा गोलकोंडा दर्पण के संपादक कवि गोविंद अक्षय ने किया. उन्होंने आलोच्य पत्रिका का परिचय कराते हुए कहा कि देहरादून( उत्तराखंड ) की हिंदी साप्ताहिक नवोदित प्रवाह बीते पांच वर्षों से निरंतर प्रकाशित पत्रिका के 23 जुलाई, 2025 के अंक :6 में प्रकाशित रचनाओं पर हैदराबाद के विद्वान साहित्यकारों ने अपने विचार प्रस्तुत किए. पत्रिका के संपादक डॉ रेणु पंत, समाचार संपादक: रश्मि आलोक हैं. मूल्यांकन गोष्ठी में हैदराबाद के विद्वान साहित्यकार ठाकुर दिनेश सिंह, संत कुमार मंडल जागृति, रत्नकला मिश्र, कवि उमेश चंद्र श्रीवास्तव आदि ने अपने विचार प्रस्तुत किए.
इस मौके पर डॉ. देवकीनंदन शर्मा, ममता तिवारी मृदुल, सोनम मंजू व ओमर की कविताओं को युवा कवि संत कुमार मंडल ने बहुत बड़ी उपलब्धि माना वहीं, वरिष्ठ कवि उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने डॉ मधु प्रधान, आलोकेश्वर चांडाल, प्रतिभा सिंह और जयकुमार भारद्वाज की कविताओं में प्रकृति का सुंदर चित्रण बताया. जबकि कवयित्री रत्नकला मिश्रा ने कहा कि प्रेम की पीड़ा को अभिव्यक्ति देने वाला महाकाव्य पद्मावती नारी प्रधान महाकाव्य है. इसमें स्त्री और पुरुष के प्रेम की गहराई झलकता है. अपने टिप्पणी में ठाकुर दिनेश सिंह ने कहा, नवोदित प्रवाह में विचारोत्तेजक सामग्री प्रशंसनीय है. उन्होंने सभी कवियों को बधाई और शुभकामनाएं दी. इस मौके पर मौजूद विशेष अतिथि श्रुतिकांत भारती ने इस तरह के कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए गीत चाँदनी साहित्यिक संस्था की प्रशंसा की. इस दौरान आयोजित कवि गोष्ठी में कवि पूनम जोधपुरी, शोभा देशपांडे, आर. दुर्गाराज पटून, संत कुमार मंडल जागृति, उमेश श्रीवास्तव, रत्नकला मिश्र, तश्कील रज्जाकी, ठाकुर दिनेश सिंह, खलीश हैदराबादी, कवि गोविंद अक्षय, खूबसूरत रचनाएं सुनाई . कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वनाथ पेंढ़ारकर, गीतकार चंपालाल बैद और बंसीलाल ने अहम भूमिका निभाई . अंत में संयोजिका रत्नकला मिश्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ.
