वोटर लिस्ट ड्राफ्ट में मेरा नाम नहीं, चुनाव कैसे लडूंगा, तेजस्वी यादव का बड़ा दावा
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग गोदी आयोग बन गया है. समय आने पर सबका हिसाब होगा
पटना/ हैदराबाद, 2 अगस्त, 2025. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि नाम मतदाता सूची के नए ड्राफ्ट में उनका नहीं है. शनिवार को पटना स्थित अपने सरकारी आवास 1 पोलो रोड में आयोग के एप्लीकेशन पर तेजस्वी यादव ने अपना ईपिक नंबर डाला. पत्रकारों के समक्ष ईपिक नंबर डालने पर रिकॉर्ड नॉट फाउंड लिख पाया. तेजस्वी यादव ने कहा कि जब मेरा नाम कट सकता है तो बिहार के लाखों गरीबों का नाम कटना तय है. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब गोदी आयोग बन गया है. समय आने पर सबका हिसाब होगा. आयोग यह न सोचे कि उसे दो गुजरातियों का बैकअप हासिल है. सुप्रीम कोर्ट से आग्रह है कि वह स्वत: संज्ञान ले कि किस विधानसभा के किस बूथ पर किन-किन लोगों का नाम काटा गया है, इसकी सूची जारी की जाए. तेजस्वी यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए. आयोग को बूथ के मुताबिक, बताना चाहिए कि कौन शिफ्टेड है, कौन अनरिप्रजेंटेड है और किनकी मौत हो चुकी है. जिनका नाम काटा गया है उन्हें नोटिस नहीं दी गई. चुनाव आयोग को पहले ही निर्देशित कर दिया गया है कि इनका वोट काटना है और किन्हे जिताना है. चुनाव आयोग पूरी तरह से गोदी आयोग बनकर रह गया है . तेजस्वी ने पूछा कि नाम हटाने के लिए चुनाव आयोग ने कौन सा आधार अपनाया. लेकिन इस पर कोई जवाब नहीं है. आयोग का रवैया लोकतंत्र के लिए काफी खतरनाक है. इस व्यवस्था में निष्पक्ष चुनाव कैसे कराया जाएगा. ऐसे में चुनाव कराए बिना सरकार को एक्सटेंशन दे दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिनका रिकॉर्ड नॉट फाउंड है और वह बाहर रहते हैं तो वे कैसे अपना नाम वोटर लिस्ट में जुडवाएंगे. एक बार रिवीजन करवाया और फिर से घर लौटकर आपत्ति करने आना पड़ेगा. यह सब चुनाव आयोग की साजिश है.