संसद में क्यों नहीं कहते… राहुल के लिए सिंघवी ने दी दलील, सुप्रीम कोर्ट से खरी — खरी सुन गए ?

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राहुल गांधी की भारतीय सेना का अपमान करने वाली कथित टिप्पणी को लेकर उनकी खींचाई की. जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने राहुल गांधी के इस दावे पर असहमति जताई कि चीन ने 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है. साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर वह सच्चे भारतीय होते, तो यह सब नहीं कहते.
नई दिल्ली/ हैदराबाद, 4 अगस्त, 2025. राहुल गांधी के चीनी कब्जे वाले दावे पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को उनके चीनी कब्जे के दावे पर फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को राहत भी दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने मानहानि मामले में लखनऊ की एक अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन पर रोक लगा दी है. राहुल गांधी की ओर से प्रसिद्ध वकील अभिषेक मनु सिंघवी दलील दे रहे थे. सिंघवी की दलील से राहुल गांधी का काम तो बन गया, मगर उन्हें राहत के साथ-साथ नसीहत भी मिली. यह बताना यहां जरूरी है कि अभिषेक मनु सिंघवी को हाल ही में राहुल गांधी ने अपना संकट मोचक बताया था. दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी दावा किया था कि चीन ने 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया है. उन्होंने यह भी दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं. राहुल गांधी ने 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के संदर्भ में भारतीय सेना के बारे में टिप्पणी की थी . उसी मामले में उनके ऊपर अपराधिक मानहानि मामले की कार्यवाही चल रही है. गलवान में चीन सेना के साथ भारतीय सैनिकों की हुई झड़प पर टिप्पणी करने के मामले में राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. अभिषेक मनु सिंघवी राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दता और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ लखनऊ ट्रायल कोर्ट के समन पर रोक लगा दी. इस दौरान जस्टिस दीपंकर दत्ता ने राहुल गांधी को फटकार लगाई और कहा,’ भारतीय होने की वजह से आपकी टिप्पणी ठीक नहीं. आपको कैसे पता चीन ने जमीन हड़प ली है? क्या आपके पास कोई सबूत है, कोई दस्तावेज है? विश्वसनीय जानकारी क्या है? एक सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा. जब सीमा पर पर कोई विवाद हो तो क्या आप यह सब कह सकते हैं ? यहां यह बताना लाजिमी है कि यह सख्त टिप्पणी मौखिक थी और आदेश का भाग नहीं था.
‘ आप कुछ भी नहीं कर सकते ‘
इसके बाद सीनियर अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगर विपक्ष का नेता मुद्दे नहीं उठा सकता तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी.’ अगर वह प्रेस में प्रकाशित चीजें नहीं कह सकते, तो वह विपक्ष के नेता नहीं हो सकते.’ इस पर जस्टिस दत्ता ने पूछा कि राहुल गांधी को यह मुद्दे सोशल मीडिया पर क्यों उठाने पड़े और संसद में क्यों नहीं. उन्होंने कहा,’ जो कुछ भी आपको कहना है, आप संसद में क्यों नहीं कहते? सिर्फ इसलिए कि आपके पास 19(1)( ए ) यानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. आप कुछ नहीं कर सकते.