कई राज्यों के पूर्व राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक का निधन

सत्यपाल मलिक बिहार, ओड़िशा, जम्मू कश्मीर, मेघालय और गोवा के गवर्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे. उनकी दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में लंबे समय से इलाज चल रहा था लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

नई दिल्ली / हैदराबाद, 5 अगस्त, 2025. जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल तथा वरिष्ठ राजनेता सत्यपाल मलिक का मंगलवार को निधन हो गया. 79 वर्षीय मलिक ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर अंतिम सांस ली . उनका लंबे समय से अस्पताल में इलाज चल रहा था . वह बिहार, ओड़िशा, जम्मू कश्मीर, मेघालय और गोवा में गवर्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उनके निधन की जानकारी पूर्व राज्यपाल के एक्स हैंडल से ही दी गई है. इसमें लिखा गया कि ‘ पूर्व गवर्नर चौधरी सत्यपाल मलिक नहीं रहे.’

मलिक ने एक्स पर शेयर की थी तस्वीर

बता दें कि, मई महीने में सत्यपाल मलिक के एक्स हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट की गई थी जिसमें वह एक अस्पताल में भर्ती दिख रहे थे. तस्वीर देखकर उनकी गंभीर हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. पूर्व राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा था कि ‘ मेरे बहुत से शुभचिंतकों के फोन आ रहे हैं जिन्हें उठाने में मैं असमर्थ हूं. अभी मेरी हालत बहुत खराब है. मैं फिलहाल राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली में भर्ती हूं और किसी से भी बात करने की स्थिति में नहीं हूं .’ 11 मई को उन्हें पेशाब से जुड़ी समस्या होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह किडनी की समस्या से जूझ रहे थे, इस वजह से उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा था.

2018 में बने थे जम्मू कश्मीर के राज्यपाल

मलिक 30 सितंबर 2017 को बिहार के राज्यपाल नियुक्त हुए थे. इसके बाद उन्हें अगस्त 2018 में जम्मू कश्मीर और फिर 2020 में मेघालय में राज्यपाल पद पर भेजा गया. सत्यपाल मलिक 24 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पैदा हुए और भारतीय क्रांति दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जनता दल, लोक दल और समाजवादी पार्टी होते हुए बीजेपी में शामिल हुए थे. मलिक 1989 में अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए और इसके पहले 1980 से 1989 तक राज्यसभा के भी सदस्य रहे.+ कैसा संजोग! मलिक के कार्यकाल में आज ही के दिन जाता था आर्टिकल 370 + यह संजोग की बात है कि आज ही के दिन उनके कार्यकाल में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त किया गया था और उनके कार्यकाल में ही विशेष राज्य दर्जा खत्म हुआ. प्रदेश को दो भागों में बंटकर जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना .

पूर्व गवर्नर की ऐसी तस्वीरें, देखकर पहचाना होगा मुश्किल
सत्यपाल मलिक अपने कद्दावर व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे और सत्ता पक्ष से सवाल करने में भी नहीं हिचकिचाते थे. उनका राजनीतिक जीवन दशकों लंबा रहा और वह चौधरी चरण सिंह को प्रेरणा स्वरूप मानते थे. सत्यपाल मलिक अपने कद्दावर व्यक्तित्व के लिए हमेशा याद किए जाएंगे. उनके लंबे राजनीतिक जीवन की झलकियां आप तस्वीरों समझ पाएंगे.